सारण की एकमात्र महिला स्वतंत्रता सेनानी का देहांत:स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाने वाली भगमणी देवी नहीं रही

छपरा5 महीने पहले
सारण के अंतिम एकमात्र महिला स्वतंत्रता सेनानी का देहांत

सारण जिले में उस समय शोक की लहर दौड़ पड़ी जब खबर आई कि सारण की एकमात्र जीवित महिला स्वतंत्रता सेनानी भगमणी देवी का देहांत हो गया। भगमणी अपने पति के साथ मिल स्वतंत्रता की लड़ाई में अहम रोल अदा किया था।पति राणा तेज बहादुर सिंह अग्रणी पंक्ति के स्वतंत्रता सेनानी थे। अंग्रेजो से लड़ाई में लोहा लेने के दौरान भगमणी देवी ने भी पति और उनके अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कदम से कदम मिलाकर अंग्रेजो को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। छपरा के नगरा प्रखंड के खैरा थाना क्षेत्र के रामपुर कला निवासी स्वतंत्रता सेनानी भागमणि देवी का 97 वर्ष के उम्र में मंगलवार के देर शाम निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

भगमणी देवी को जिला प्रशासन द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है विगत कुछ वर्ष पहले से शारिरिक अश्वस्त होने के चलते जिला प्रशासन जे प्रतिनिधि भगमणी देवी के आवास पर जाकर सम्मानित करते थे। भगमणी देवी अंग्रेजो के जमाने की वस्तुस्थिति लोगो को सुनाया करती थी। उनके द्वारा सुनाए गए कहानियों में अंग्रेजो के अत्याचार से लोगो के रूह कांप जाया करती थी। लाल टोपी वाले अंग्रेजो के सिपाहियों द्वारा बर्बरता तो हद होती थी। पति राणा तेज बहादुर सिंह और उनके साथियों को आंग्रेजो के डर से भूमिगत बोन के बाद भगमणी देवी पति के अन्य मित्रो को संदेश और समान पहुचाने में अहम रोल अदा किया था।

मंगलवार के देर रात उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। तिरंगे में लपटे शव यात्रा में सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित रहे। भगमणी देवी सारण जिला के अंतिम बचे स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थी। इनके मौत की ख़बर मिलते ही चारो तरफ शोक की लहर दौड़ गई।