छपरा में बन रहा देश का सबसे लंबा डबल-डेकर फ्लाईओवर:जमीन अधिग्रहण में अड़चन से निर्माण कार्य बाधित, गढ्ढों से लोगों की बढ़ी परेशानी

छपरा13 दिन पहले
डबल डेकर के निर्माण में करीब 48 डिसमिल जमीन अधिग्रहण करना शेष।

बिहार के छपरा जिले में देश का सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण प्रारंभ है। लेकिन इसमें जमीन अधिग्रहण में अड़चन के कारण कार्य बाधित हो रहा है। 2022 तक इसे बनाने का टारगेट था। लेकिन अभी तक शहर के सलेमपुर मोहल्ला के समीप पाइलिंग होना बाकी है, क्योंकि स्थानीय लोगों के द्वारा वहां जमीन अधिग्रहण किए जाने को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दिया गया थ। हालांकि जिला प्रशासन के अनुसार वह टोपो लैंड की जमीन बताई गई है। डबल डेकर के निर्माण में करीब 48 डिसमिल जमीन अधिग्रहण करना शेष है। इस बीच समस्या यह है कि भिखारी चौक से मौना होते नगरपालिका चौक तक अधिकांश जमीन लोपो लैंड है। इसका सर्वे नहीं हुआ है। लेकिन स्थानीय लोगों के द्वारा अड़चनें खड़ी की गई है। फिलहाल उस जमीन पर किसी ने दुकान बना ली तो किसी ने मकान।

सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर

छपरा में उत्तर भारत का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनाया जा रहा हैं। यह पूरे भारत का सबसे बड़ा डबल डेकर फ्लाईओवर होगा, जिसकी लम्बाई करीब 3.5 किमी होगी। इसका निर्माण 2022 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य है। सबसे लंबे डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण में करीब 411 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस डबल डेकर फ्लाईओवर की लम्बाई करीब 3.5 किलोमीटर और चौड़ाई 5.5 मीटर होगा। बता दें कि देश में अब तक का सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर मुंबई में है जिसकी लम्बाई 1.8 किमी है।

पथ पर आवागमन बाधित, शहरवासियों की बढ़ी परेशानी।
पथ पर आवागमन बाधित, शहरवासियों की बढ़ी परेशानी।

निर्माण कार्य में विलंब से बढी परेशानी

छपरा शहर स्थित निर्माणाधीन डबल डेकर फ्लाईओवर 2022 तक ही बनकर तैयार होना था लेकिन अभी तक इसमें 50% भी काम नहीं हो पाया है। वहीं इस पथ पर जगह-जगह खोदे गए बड़े-बड़े गड्ढे के कारण इस पथ पर आवागमन भी बाधित है। ऐसी स्थिति में शहरवासियों की परेशानी बढ़ गई है। वही बरसात होने के साथ ही यह पथ पैदल भी चलने लायक नहीं रहा जाता है। जबकि इस पथ पर ही छपरा जिले की सबसे बड़ी दवा मंडी है।

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