सारण DM से मिलने पहुंच यूक्रेन से लौटे मेडिकल स्टूडेंट्स:कहा- युद्ध से बचकर अपने देश तो पहुंच गए, अब पढ़ाई कंप्लीट कराने की व्यवस्था करा दीजिए

छपरा8 दिन पहले

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वहां पढ़ाई कर रहे जिले के 6 मेडिकल के छात्रों ने डीएम से मिलकर अपनी पीड़ा के समाधान की गुहार लगाई। छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सारण डीएम से मिलकर कहा कि वहां खराब स्थिति के कारण उन्हें अपने भविष्य की चिंता है। युद्ध के हालात के बाद वे जैसे-तैसे सुरक्षित अपने देश तो लौट आए लेकिन अब वे अपने भविष्य को लेकर संशय की स्थिति में है। छात्रों में शामिल आमिर सोहेल, सानू शेखर, अभिनव रंजन सहित अन्य ने डीएम के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मामले में मदद की गुहार लगाई है ।

इन छात्रों का कहना है कि इस विकट स्थिति में उन्हें भारत में ही रहकर पढ़ाई पूरा करने का अवसर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। छात्रों ने कहा है कि अन्य राज्य पश्चिम बंगाल, कर्नाटक ने छात्र हित में पहल किया है। उसी तरह से तरह बिहार में भी विद्यार्थियों के हित में कदम उठाए जाने की जरुरत है। अपने भविष्य को लेकर परेशान छात्रों को सारण डीएम ने उचित माध्यम तक उनकी बात को पहुंचाने की बात कही है।

यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले में मढ़ौरा का भी एक छात्र सानू शेखर शामिल है। मढ़ौरा गढ़देवी चौक निवासी सानू शेखर रूस यूक्रेन युद्ध की बन रही स्थिति के पूर्व सुरक्षित रूप से अपने घर लौट आए थे। शानू शेखर ने बताया कि उन लोगों ने पेरेंट्स एसोसिएशन के सिग्नेचर कैंपेन के तहत पूरे राज्य के विद्यार्थियों का हस्ताक्षर और मेमोरेंडम भी सारण डीएम को दिया है ।

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