छपरा के शिशु पार्क में सुविधा नहीं, खर्च 3 करोड़:न बोटिंग की सुविधा मिली, न मद्रासी लाइटें लगी; पहले की 147 लाइटें उखाड़ ले गए

छपरा2 महीने पहले
पार्क के अंदर का नजारा।

छपरा शहर का एकमात्र शिशु पार्क है। जिसके सौंदर्यीकरण के नाम पर करीब तीन करोड़ रुपये का गोलमाल किया गया है। पहले डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किये गये और फिर दो साल बाद ही 1.64 करोड़ रुपये खर्च किये गये है। फिर भी न तो वोटिंग की सुविधा दी गई और न ही कैंटिन खुला। ट्रैक है भी तो टूटी-फूटी हालत में है। हुआ यूं कि डूडा ने 1.64 करोड़ खर्च कर पब्लिक के हवाले कर दिया। न तो सुरक्षा की किसी को जिम्मेदारी दी गई और न ही खुद ही देखरेख किया गया। लिहाजा एक साल भी नहीं बीता और एक-एक कर 145 खंभों में लगे लाइट को लोगों ने उखाड़ ले गये। यानी पार्क में एक भी सही स्थिति में लाइट नहीं है। सिस्टम भी इतना बेपरवाह की न तो रोकथाम लगाया न ही कोई कार्रवाई और सुरक्षा का इंतजाम।

प्राक्कलन में था बोटिंग, कैंटिन और कैफेटेरिया बनाना, बने भी नहीं, राशि खर्च दिखा दी गई

शहर के एकमात्र चिल्ड्रेन पार्क में करोड़ो रुपये खर्च कर सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ था। इसके बावजूद भी बदहाल स्थिति में है। देख रेख के अभाव में असामाजिक तत्वों ने पार्क में लगे लाइट व सोलर प्लेट को तोड़ दिया है और चोरी कर लिया। चिल्ड्रेन पार्क को सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर विकास योजना के अंतर्गत इसका रिमॉडलिंग किया गया। जो शहर के मध्य भाग में स्थित बच्चों का एक मात्र मनोरंजक स्थल है। एक करोड़ 64 लाख 9 हजार रुपए की लागत से पूरे परिसर में लैम्प पोस्ट, कैफेटेरिया, ग्रास कारपेट, तालाब का घाट, सीढ़ियों पर स्टोन फिटिंग, बोरिंग, बच्चों के लिए झूले आदि लगाये गए थे। पार्क के तालाब को भी लाखों रुपये खर्च कर रिमॉडलिंग किया गया था। पार्क के तालाब में बोटिंग की शुरुआत करने की योजना थी। अब सूखे हुए तालाब में बच्चे क्रिकेट खेलते हैं।

पार्क का गेट।
पार्क का गेट।

क्या कहते हैं अधिकारी

नगर आयुक्त अजय कुमार सिन्हा ने कहा कि डूडा के अफिसर से सामंजस्यता स्थापित कर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करायी जायेगी। बात तो सही है कि देखरेख नहीं होने की वजह से लगे लाइट नुकसान कर दिया गया है।

आंकड़ा:
योजना की प्राक्कलन राशि - 1 करोड़ 64 लाख नौ हजार
एकरारनामा की राशि - 1,11,91868
कार्य प्रारंभ होने की तिथि - 28 अगस्त 2015
पूरा होने की अवधि - चार माह
पूरा हुआ - 2017