प्रस्ताव मांगा:बेन प्रखंड के बारा एवं जनारा में पशु अस्पताल के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा

शेखपुरा2 महीने पहले
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डीएम शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में शुक्रवार को हरदेव भवन सभागार में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की बैठक की गई। रिकॉर्ड ऑफ राइट (आरओआर) के डिजिटाइजेशन का कार्य इस माह के अंत तक किया जाना है। अभी तक लगभग 45 प्रतिशत कार्य पूरा किया गया है। डीएम ने इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी अंचल अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कराने का निर्देश दिया। सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता को इसका अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा गया।

विभिन्न विभागों की परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का निर्देश सभी अंचल अधिकारियों को दिया गया। 36 भूमिहीन विद्यालयों के लिए प्राथमिकता से भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया। स्वास्थ विभाग के सीएचसी, एपीएचसी, एचएससी के लिए भी जहां जमीन चिन्हित नहीं किया जा सका है, अविलंब चिन्हित करने का निर्देश सभी अंचल अधिकारियों को दिया गया। सहकारिता विभाग के माध्यम से सब्जी संग्रहण केंद्र के निर्माण के लिए 9 प्रखंडों में उपयुक्त जमीन चिन्हित नहीं की जा सकी है। जिलाधिकारी ने इसे प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा।
म्यूटेशन के 93 प्रतिशत आवेदन निष्पादित
बेन प्रखंड के बारा एवं जनारा में तथा करायपरशुराय में पशु अस्पताल के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया। सभी अंचलों में भूमि हस्तांतरण पंजी का संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। ऑनलाइन म्यूटेशन में निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत लगभग 93 प्रतिशत आवेदन निष्पादित किए गए हैं। कुछ अंचलों में ऑनलाइन म्यूटेशन के एक्सपायर आवेदनों की संख्या 5 प्रतिशत से अधिक पाई गई। डीएम ने संबंधित अंचलाधिकारियों को इस संबंध में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अभियान बसेरा के तहत 536 के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 368 के लिए प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। शेष 168 के लिए अविलंब प्रस्ताव भेजने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारियों को दिया गया।
बाढ़ प्रभावितों की सूची अपडेट करने का निर्देश
आपदा प्रबंधन के संदर्भ में सभी संभावित बाढ़ प्रवण अंचलों में सम्पूर्ति पोर्टल पर परिवारों की सूची को अपडेट करने के कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। तसभी पूर्व से चिन्हित कम्युनिटी किचन केंद्र, राहत शिविर केंद्र एवं पशु शिविर स्थल के लिए तमाम आवश्यक पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। ताकि बाढ़ आपदा की स्थिति में अल्प से अल्प अवधि में इन केंद्रों को संचालित किया जा सके। बैठक में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, राजस्व शाखा प्रभारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी उपस्थित थे।

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