ये ठीक नहीं:पईन का अतिक्रमण कर बनाए जा रहे मकान

शेखपुरा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • गांवों में भवन निर्माण के दौरान जलनिकासी के बारे में नहीं सोच रहे हैं गृहस्वामी

बिजली, पानी, सड़क आदि की सुविधा बढ़ने से बाजार के साथ गांवों में भी भवन निर्माण के काम तेजी से हो रहे हैं। जबकि निर्माण कार्य के दौरान जल निकास आदि संसाधनों की उपेक्षा जारी है। इससे भविष्य में जल जमाव की बड़ी समस्या हो सकती है। इससे संबंधित लोग हों या प्रशासन किसी को सुध नहीं है। बीच बाजार से सबनहुआ जाने वाली सड़क के बगल से काफी लंबी और चौड़ी पईन गुजरी है। पईन की जमीन का अतिक्रमण कर लोगों ने अपना लंबा-चौड़ा आशियाना बना लिया है। बहुतों ने पईन की बड़ी जमीन का अतिक्रमण किया है। लेकिन पानी निकलने के लिए बडे ह्यूम पाइप की जगह घर की नाली में लगने वाला पाइप दिया है। इससे आने वाले दिनों में होने वाली समस्या का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

पईन की जमीन पर करा लिया शौचालय निर्माण। कई घरों में पईन की जमीन पर शौचालय का निर्माण करा लिया गया है। धोबीपर के पास इसका प्रभाव पिछले कुछ वर्षों से दिखने भी लगा है। बारिश के मौसम और उसके महीनों बाद तक दर्जनों एकड़ कृषि योग्य भूमि पर जलजमाव रहता है। इस वजह से वहां खरीफ या रबी फसल की पैदावार नहीं हो पा रही है। विनोद सिंह, कांति देवी, विजय यादव आदि ने पईन का अतिक्रमण होने से समस्या की बात कही है। इसी तरह हासनचक जाने वाली सड़क में भी पईन को भरकर भवन निर्माण का काम धड़ल्ले से हो रहा है। वहां ह्यूम पाइप भी नहीं दिया गया है। इससे हासनचक के साथ डिहरीगढ़ का खंधा भी बारिश में डूब जाता है।

ग्रामीणों में आक्रोश
स्थानीय पदाधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश है। इसी तरह कल्याण बिगहा, बराह आदि गांवों को जोड़ने वाले ग्रामीण पथों से सटे जल स्त्रोतों का अतिक्रमण जारी है। अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी होगी।

खबरें और भी हैं...