राहत:शराब मामले में जब्त गाड़ियों को अब मुक्त करा सकेंगे वाहन मालिक, मिली है छूट

शेखपुरा5 दिन पहले
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कार्यालय अधीक्षक उत्पाद शेखपुरा। - Dainik Bhaskar
कार्यालय अधीक्षक उत्पाद शेखपुरा।
  • देनी होगी बीमा वैल्यू की आधी रकम, सरकार ने दी है शराब संबंधित नियमों में छूट

सूबे में शराबबंदी के नियम में बदलाव के साथ संशोधित बिहार मद्य निषेध और उत्पाद नियमावली अब लागू हो गई है। शराब पीने के आरोपित जुर्माना देकर छूट रहे हैं। शराबबंदी कानून के उल्लंघन में पूर्व से जब्त वाहन व संपत्ति को भी अब संशोधित कानून के तहत छुड़ाने का मौका मिलेगा। अब बीमा वैल्यू की आधी राशि देकर शराब में जब्त गाड़ी को छुड़वाया जा सकेगा। वहीं बीमाकृत मूल्य उपलब्ध नहीं होने पर उसका मूल्य निर्धारित कराया जाएगा। लेकिन गंभीर प्रकृति के मामलों में विवेक के आधार पर निर्णय लेते हुए जब्त वाहन अथवा मकान को जुर्माना के आधार पर न छोड़कर उसकी नीलामी की जाएगी।

इसके लिए बकायदा वाहन मालिक को कलेक्ट्रेट स्थित विधि शाखा में जाकर लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन के बाद एक पत्र वहां से दिया जाएगा। पत्र के आलोक में उत्पाद विभाग में नकद राशि इंश्योरेंस वैल्यू के आधे रकम जमा करने पर वाहन मालिक अपनी गाड़ी ले जा सकेंगे। लेकिन इसके लिए सिर्फ वाहन मालिक को ही यह सुविधा सरकार द्वारा मुहैया करवाई गई है। इस तरह के प्रावधान करने के बाद कई वाहन मालिकों ने राहत की सांस ली है।

शराब से जुड़े केसों में आएगी कमी
नए कानून में नन कम्पाउंडेबल एक्ट को हटा दिया गया है। मतलब साफ है कि शराब पीकर नशे में पकड़े जाने वाले लोग अब कम्पाउंडेबल ऑफेंस के तहत आएंगे। उन्हें सरकार की तरफ से जय जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया जाएगा। इस तरह के मामलों को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट देखेंगे। इस बदलाव से कोर्ट में शराब से जुड़े केसों में कमी भी आएगी। इधर, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शराब के कारण मिट्टी-पानी में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए मद्य निषेध विभाग के उत्पाद आयुक्त को शराब विनष्टीकरण पर तत्काल रोक लगाने को कहा है।

^शराब में जब्त गाड़ी को बीमा वैल्यू की आधी राशि देकर वाहन मालिक ले जा सकेंगे। इसको लेकर नियमों में सरकार द्वारा छूट दी गई है। यहां पर प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपना आदेश वापस ले लिया है। -संजय कुमार चौधरी, उत्पाद अधीक्षक।

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