सीतामढ़ी में बिना लाइसेंस के बिक रहा पटाखा:नगर निगम इलाके में लगे पटाखों के 200 दुकान, 90% के पास लाइसेंस नहीं

सीतामढ़ीएक महीने पहले

सीतामढ़ी जिले में धड़ल्ले से बिना लाइसेंस के पटाखा बेचे जा रहे है। सैकड़ों की संख्या में लोग स्टॉल लगाकर पटाखा बेंच रहे है। इसको लेकर जिला प्रशासन भी सख्त नही है। जबकि समाहरणालय स्थित जिला सामान्य शाखा से अस्थाई लाइसेंस प्रति वर्ष निर्गत किया जाता है। लेकिन, प्रशासनिक विफलता और जानकारी के अभाव में लाइसेंस लिए बिना ही पटाखा का दुकान बाजारों में सज गया है। जिसमे कुछ थोक दुकानदार का कहना है की वह लाइसेंस ले रखे है। लेकिन 90 प्रतिशत दुकानदारो के पास लाइसेंस नहीं है।

लाइसेंस लेने का है प्रावधान

नगर निगम क्षेत्र के करीब 200 पटाखे की दुकान अबतक लगाई गई है, लेकिन अधिकतर के पास लाइसेंस नही है। कुछ दुकानदारों का कहना है कि लाइसेंस निर्गत करने के लिए आवेदन अप्लाई दिया गया है, लेकिन प्रशासन के द्वारा लाइसेंस निर्गत नहीं की गई। दुकानदार मुकेश यादव, प्रेम कुमार, गौरव प्रसाद ने बताया कि कहीं भी शहर में अग्निशमन यंत्र नही है। संजय प्रसाद ने कहा कि लाइसेंस के लिए आवेदन किए हैं लेकिन लाइसेंस निर्गत नहीं किया गया है।

जबकि एक्सप्लोसिव रूल्स 2008 की धारा 84 के तहत पटाखा बेचने वाले सभी व्यापारियों को अनुज्ञप्ति धारक होना आवश्यक है। एक तो बिना लाइसेंस के ही बाजारों में पटाखा बेचे जा रहे हैं। वहीं दूसरा ये कि पटाखा दुकानदार दुर्घटना से बचने के लिए किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरत रहे हैं। शहर के मुख्य बाजारों में इस तरह बिना सुरक्षा के एक्सप्लोसिव बेचना अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रहा है। बताते चलें कि पटाखों की बिक्री व भंडारण के लिए विहित शर्तों के अधीन लाइसेंस निर्गत किया जाना है।

पटाखा दुकान के लिए नियम व शर्त

सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक दुकान से दूसरे दुकान की दूरी कम से कम 15 मीटर रखा जाना अनिवार्य है। पटाखा बेचने वाले दुकानदार पटाखा के नजदीक किसी का ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक लाइट व बिजली का खुला तार का उपयोग नहीं करेंगे। बिना अनुज्ञप्ति के चोरी छिपे विस्फोटक पदार्थ (पटाखा) बेचने एवं रखने वाले व्यक्तियों या दुकानदारों को चिन्हित कर विस्फोटक सामग्रियों जब्त करते हुए उन पर कानूनी कार्रवाई किए जाने का प्रावधान है। पटाखा के दुकान में अग्निशमन यंत्र, बालू की बाल्टी इत्यादि अग्नि से बचाव के लिए लगाना अनिवार्य है। लेकिन बाजारों में नियमों के विपरीत पटाखे बेचे जा रहे हैं।

इस संबंध में जब हमने डीएम से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नही उठाया और नही एसडीएम सदर ने ही फोन उठाया। इसके बाद डीएम मनेश कुमार मीणा को व्हाट्सएप मैसेज किया तो अबतक उनका जवाब नहीं आया है।

खबरें और भी हैं...