सीतामढ़ी में किसानों ने किया सड़क जाम:यूरिया खाद की किल्लत को लेकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, नेपाल में कालाबाजारी का लगाया आरोप

सीतामढ़ी2 महीने पहले
सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

सीतामढ़ी के रीगा में यूरिया खाद के लिए महिला व पुरुष किसानों ने सड़क जाम कर घंटों हंगामा किया। मंगलवार को रीगा थाना क्षेत्र के सिनेमा हॉल के समीप यूरिया खाद लेने के लिए पहुंचे सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिला किसानों ने बताया कि 1 सप्ताह से प्रतिदिन खाद के लिए बिस्कोमान भवन पहुंचते हैं। लेकिन देर शाम हो जाने के बाद संचालक दुकान बंद कर फरार हो जाता है। 1 सप्ताह पहले ही महिला किसानों का आधार कार्ड भी जमा करा लिया गया है।

महिला किसानों का आक्रोश स्थानीय विधायक पर भी देखा गया। स्थानीय विधायक मोतीलाल प्रसाद के खिलाफ भी नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि रात के अंधेरे में संचालक के द्वारा नेपाल में यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। प्रतिदिन 500 से 700 बोरी यूरिया नेपाल भेजा जाता है। लेकिन स्थानीय लोगों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। जिसके विरोध में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुषों ने करीब 3 घंटे तक कड़ी धूप में सड़क जाम कर हंगामा किया।

इस दौरान प्रचंड गर्मी के कारण कई किसानों का हाल बेहाल हो गया।कई लोग गर्मी के कारण लू के शिकार हो गए। प्रदर्शन के दौरान ही एक किसान की स्थिति काफी नाजुक हो गई। बेहोश होकर सड़क पर गिर गया जिसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से उसे होश में लाकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। किसानों ने कहा कि खानापूर्ति करने के लिए दुकानदार के द्वारा 25 से 50 बोरी खाद बांट दिया जाता है। जबकि अन्य सभी खाद की रात के अंधेरे में कालाबाजारी की जाती है। किसानों ने बताया कि सोमवार की देर रात मिल चौक से चौकीदारों ने खाद से भरी एक टेंपो को जब्त किया था। किसानों का आरोप है कि करीब 1 घंटे तक रोककर पूछताछ करने के बाद युवक को छोड़ दिया गया। 1 सप्ताह पूर्व भी किसानों पर स्थानीय पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज की गई थी। इसमें कई किसान घायल हो गए थे।