सीतामढ़ी में पंचायती राज विभाग को नहीं मिली रिपोर्ट:14 दिन बाद भी जानकारी नहीं दी गई, सभी बीडीओ पर लापरवाही बरतने का आरोप

सीतामढ़ी3 महीने पहले
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सीतामढ़ी जिला प्रशासन से राज्य सरकार ने स्नातक उत्तीर्ण पंचायत सचिवों की औपबंधिक वरीयता सूची का प्रकाशन से संबंधित सचिवों से आपत्ति दबाव व अन्य वंचित दस्तावेज मांगा है। पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव के पत्र के आलोक में डीपीआरओ ने 10 मई 22 को ही 2 दिनों के अंदर प्रतिवेदन मांगा था।

14 दिन बीत जाने के बावजूद एक भी वीडियो ने प्रतिवेदन नहीं भेजा। मिली जानकारी के अनुसार वरीयता की सूची के आलोक में स्नातक पास पंचायत सचिवों को बिपीआरओ बनाया जाना है। जिसको लेकर सभी बीडीओ को पत्र भेजकर उनसे वरीयता की सूची मांगी गई। संयुक्त सचिव मोहम्मद बलागुद्दीन द्वारा 7 अप्रैल 2022 को डीएम व डीपीआरओ को वरीयता सूची भेज कर कहा गया था कि स्नातक पास पंचायत सचिव जिनका नाम वर्तमान वरीयता सूची में शामिल नहीं किया गया है। गैर स्नातक के रूप में नाम भेजा गया है।

इस संबंध में एक स्पष्ट प्रतिवेदन के साथ ही 30 दिनों के अंदर पंचायत सचिवों से दावा आपत्ति प्राप्त कर उपलब्ध कराया जाए। ताकि त्रुटि रहित व अंतिम वरीयता सूची का प्रकाशन किया जा सके। जितना पंचायत सचिवों का नाम औपबंधिक वरीयता सूची में शामिल है उनमें राम इकबाल बैठा, दसई बैठा, विनय शंकर मिश्र, शिवनारायण चौधरी और देवनारायण देवेंद्र सा शामिल है। इधर किसी बीडीओ की ओर से प्रतिवेदन नहीं भेजे जाने से यह क्लियर नहीं हो सका की सूची में एक की स्नातक पंचायत सचिव का नाम छूटा तो नहीं है।