किशोरी की मौत की खबर से सीतामढ़ी पुलिस में खलबली:20 दिन बाद मुजफ्फरपुर पहुंची पुलिस, अहियापुर थाने को दिया बयान लेकर वापस आई

सीतामढ़ी2 महीने पहले

सीतामढ़ी में रेप के 19 दिन बाद पीड़िता के मौत की सूचना पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई। जानकारी जुटाने के लिए सीतामढ़ी पुलिस मुजफ्फरपुर पहुंची। सीतामढ़ी पुलिस को घटना के 20 दिन बाद तक इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। दुष्कर्मियों के करतूत का शिकार बनी सीतामढ़ी के पुपरी की एक लड़की 20 दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ती रही। आखिरकार उसकी मौत हो गई। दुष्कर्म के बाद आग लगने से झुलसकर जख्मी किशोरी ने 19 सितंबर को मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में अंतिम सांसें ली।

मौत की सूचना पर मची खलबली

पीड़िता की मौत की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में पीड़िता द्वारा एसकेएमसीएच पुलिस चौकी में दिए गए बयान की कॉपी लाने के लिए सीतामढ़ी पुलिस मुजफ्फरपुर गई। मुजफ्फरपुर से मंगलवार की दोपहर 2 बजे बयान की कॉपी लेकर वापस लौटी। दरअसल, मरने से पूर्व ही पीड़िता ने 17 सितंबर को अहियापुर थाना की पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया था। इसमें गांव के चार युवकों को नामजद किया था।

हुआ अंतिम संस्कार

इधर, पोस्टमार्टम के बाद मुजफ्फरपुर से अपने गांव पहुंची पीड़िता के शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है। जानकारी के अनुसार पुपरी के एक गांव में पिता से विवाद में किशोरी के साथ गैंगरेप का प्रयास किया गया था। हवस का शिकार बनाने में विफल होने पर किशोरी के शरीर पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी गई थी। 30 अगस्त को गंभीर रूप से जख्मी किशोरी को इलाज के लिए पीएचसी पुपरी में भर्ती कराया गया। चिकित्सक के द्वारा किशोरी को समुचित उपचार के उपरांत बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया गया था।

कहते हैं अधिकारी

इस संबंध में पुपरी डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि घटना के बारे में स्थानीय पुलिस को पहले से कोई जानकारी नही दी गई थी। पीड़िता के इलाज के दौरान मौत की सूचना पत्रकारों से मिली है। आगे की कार्रवाई के लिए पीड़ित द्वारा अहियारपुर पुलिस को दिए गए बयान को पुपरी थाना पुलिस को भेजा गया है।

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