सीतामढ़ी नगर निगम के सफाई कर्मियों का फूटा आक्रोश:सफाई इंस्पेक्टर पर मारपीट का लगाया आरोप, डीएम से शिकायत करने समाहरणालय पहुंचे

सीतामढ़ी6 महीने पहले

सीतामढ़ी नगर निगम के तमाम सफाई कर्मचारी गुरुवार को अनियमितताओं के आरोप में कार्य का बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय पहुंचकर डीएम से मिलने के लिए हंगामा किया। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि अपनी मांगों के समर्थन में कार्य का बहिष्कार करने और अपने वेतन मांगने पर मंत्री ने सफाई कर्मचारियों के साथ मारपीट की है। इसके विरोध में वह डीएम से मिलकर शिकायत करने के लिए सभी सीतामढ़ी समाहरणालय पहुंचे हैं। वे करीब 3 घंटे से डीएम का इंतजार कर रहे हैं।

14000 की जगह मिलता है मात्र 9200 वेतन

सफाई कर्मचारी राजू रावत, गोपाल रावत, श्याम रावत, रेखा देवी, विक्रम रावत समेत अन्य सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से शोषण किया जा रहा है। पूर्व में 14000 मजदूरी दी जाती थी, लेकिन आउटसोर्सिंग कंपनी के जिम्मे सफाई कार्य होने से मजदूरी घटाकर 9200 कर दी गई है। हालांकि कुछ माह से 9800 रुपए मिल रहे हैं। वहीं सफाई कर्मचारियों ने बताया कि पिछले 5 महीने से उनका वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्दी झाड़ू कुदाल वह जूता देने में आनाकानी की जाती है जिसके चलते सफाई कर्मी असुरक्षित महसूस करते हैं। बारिश के दौरान भी काम लिया जाता है लेकिन रेनकोट नहीं दिया जाता है। इसके चलते सफाई के दौरान कर्मियों के हाथ-पैर कट जाते हैं और करंट लगने की आशंका रहती है हाथ पैर कटने पर दवाइयां भी अपने पैसे से लेने पड़ते हैं। मजदूरों ने कहा कि उनको पीएफ का भी पैसा नहीं दिया जाता।

जमादार पर मारपीट का लगाया आरोप

सभी सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम के सफाई इंस्पेक्टर बिदेश्वर राउत पर मारपीट का आरोप लगाया है। वहीं बताया कि अकाउंट उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में खुलवा दिया गया है। जहां बैंक कर्मियों के द्वारा सफाई कर्मचारियों के साथ एक तो अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। वहीं एक रुपए भी लोन नहीं दिया जाता है। दूसरे बैंक में एकाउंट रहने पर कर्मचारियों को लोन भी मिल सकता है।