1 पैर से 2KM स्कूल का सफर:सीवान की प्रियांशु कुमारी का जन्म से एक पैर नहीं; बोली- डॉक्टर बनना चाहती हूं

सीवान3 महीने पहले

कुछ कर गुजरने के लिए धन नहीं मन चाहिए। खुद पर यकीन और सपने को पूरा करने का जुनून चाहिए। इसे सच कर रही है सीवान की प्रियांशु कुमारी। 11 साल की प्रियांशु के पास पढ़ाई का जज्बा इतना है कि वह एक पैर पर हर दिन 2 किमी का सफर तय कर स्कूल जाती है।

गांव से स्कूल तक की सड़क भी जर्जर स्थिति में है। इसके बावजूद प्रियांशु कभी भी स्कूल नहीं छोड़ती है। वह सीवान जिले के जीरादेई प्रखंड के राम गांव की रहने वाली है। हर दिन उसे एक पैर पर स्कूल जाते देख दूसरे लोग भी अपने बच्चों को प्रोत्साहित करते हैं।

एक पैर पर स्कूल जाती हुई प्रियांशु।
एक पैर पर स्कूल जाती हुई प्रियांशु।

प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है

प्रियांशु ने दैनिक भास्कर से बताया कि वो जिंदगी में कुछ बड़ा करना चाहती है, उसके बड़े सपने हैं। उसने सरकार से कृत्रिम अंग दान में मांगी है। सड़कें अच्छी नहीं हैं। अगर मुझे कृत्रिम अंग मिल जाए, तो मैं चल सकती हूं। जन्म से ही प्रियांशु का बायां पैर काम नहीं करता था। फिलहाल वह श्री राम गांव से एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने जाती है।

5वीं क्लास की छात्रा प्रियांशु ने कहा कि एक पैर पर संतुलन बनाते हुए रोजाना करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करती हूं। सड़कें अच्छी नहीं हैं। मैं अपने स्कूल तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन दो किलोमीटर पैदल चलती हूं। मेरे स्कूल पहुंचने का रास्ता क्षतिग्रस्त है।

डॉक्टर बनना चाहती है प्रियांशु

वर्तमान में प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही प्रियांशु का लक्ष्य डॉक्टर बनना है। दैनिक भास्कर से बात करते हुए, प्रियांशु के स्कूल शिक्षक ने कहा,'वह एक मेहनती बच्ची है। वह पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में भी अच्छी है। बहुत ही प्रतिभाशाली लड़की है।