लापरवाही:शिलान्यास के 4 दिन बाद भी मॉडल हॉस्पिटल का निर्माण नहीं हुआ शुरू

सीवानएक महीने पहले
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मॉडल हॉस्पिटल का शिलान्यास पट्ट तथा भवन का मलवा। - Dainik Bhaskar
मॉडल हॉस्पिटल का शिलान्यास पट्ट तथा भवन का मलवा।
  • पुराना भवन तोड़ने में ही लगेगा समय, मॉनसून आ जाने पर निर्माण कार्य हो सकता है प्रभावित, 36. 47 करोड़ की है योजना

सदर अस्पताल में ढाई सौ बेड का मॉडल हॉस्पिटल बनाने के लिए 18 मई को शिलान्यास कार्य किया गया, लेकिन शिलान्यास के 4 दिनों बाद भी अभी निर्माण के लिए एक भी ईंट नहीं रखे गए हैं। 36. 47 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस अस्पताल भवन का शिलान्यास स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा किया गया है। निर्माण कार्य के लिए पहले सदर अस्पताल के पुराने भवनों को तोड़ना है, लेकिन जिस तरह से पुराने भवन को तोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उससे लगता है कि पूरे भवन को तोड़ने और उसके मलवा को हटाने में कम से कम 1 माह का समय लग सकता है। अगर पुराने भवन को तोड़कर मलवा हटाने के काम में तेजी नहीं लाई गई तो भवन का निर्माण कार्य भी प्रभावित होगा। कारण कि भवन निर्माण के लिए नींव निकालने का कार्य करना है।

12 जून के बाद मॉनसून करेगा प्रवेश
12 जून के बाद बिहार में मानसून प्रवेश कर जाता है। इसके बाद बारिश होने लगेगी। बारिश की वजह से नींव के लिए खुदाई करने पर पानी भर जाएगा और इस स्थिति में नींव का निर्माण नहीं हो पाएगा। अगर मानसून से पहले नींव का निर्माण हो जाता है तो बरसात में भी भवन का निर्माण सुचारु रुप से चल सकेगा। लेकिन अभी भवन तोड़ने के कार्य में ही तेजी नहीं लाई गई है। जबकि पुराने भवनों को तोड़ने के लिए पिछले 25 दिनों से कार्य चल रहा है। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के कार्यालय, आईसीयू भवन तथा महिला वार्ड, प्रसव कक्ष आदि भवनों को तोड़ना है। अभी जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी कार्यालय भवन को ही तोड़ा गया है। इसका भी अभी मलवा पूरी तरह से हटाना बाकी है । हालांकि पहले इस कार्य के लिए एक जेसीबी मशीन को लगाई गई थी, लेकिन अब दो जेसीबी मशीन से भवन तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। आईसीयू का केवल अभी खिड़की और दरवाजे ही निकाले गए हैं। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के कार्यालय को तोड़ने के बाद आईसीयू भवन को तोड़ा जाएगा।

259 बेड का बनाया जाना है मॉडल हॉस्पिटल
259 बेड के मॉडल हॉस्पिटल बनाने के लिए सदर अस्पताल के कैंपस में ही स्थल को चिन्हित किया गया है, जहां पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी के कार्यालय, आईसीयू भवन तथा महिला वार्ड को तोड़ने की जरूरत है। इधर निर्माण एजेंसी का भी कहना है कि इसमें तेजी किया जाएगा तो कम से कम 20 दिनों में पुराने भवन को तोड़ने का कार्य पूरा होगा। कारण कि पुराने भवन को तोड़ने के बाद मलवा को भी हटाना आवश्यक है। मलवा को हटाने के लिए ट्रैफिक जाम की समस्या सामने आ रही है। मलवा को जिला स्वास्थ्य समिति के कैंपस में रखा जा रहा है, जहां पर जाने के लिए सड़क को पार करना पड़ रहा है। इससे जाम की समस्या भी सामने आ रही है। मॉडल हॉस्पिटल का निर्माण 18 माह में पूरा करना है लेकिन अगर बरसात से पहले नहीं था चार्ज नहीं हुआ तो बरसात में निर्माण कर्ज प्रभावित होगा और निर्माण की अवधि बढ़ जाएगी इससे मरीजों का इलाज भी प्रभावित होगा कारण की महिला वार्ड को दूसरे जगह शिफ्ट कर जैसे-तैसे चलाया जाएगा। आईसीयू और पीकू वार्ड के लिए ही दूसरे जगह शिफ्ट किया गया है

महिला वार्ड को अभी शिप्ट करना बाकी
महिला वार्ड को अभी शिफ्ट करना ही बाकी है। बिना शिप्ट किए महिला वार्ड को नहीं तोड़ा जा सकता है और ऐसी संभावना है कि महिला वार्ड को शिफ्ट करने में अभी 1 सप्ताह का समय लगेगा। कारण कि सदर अस्पताल के एक दूसरे भवन के फर्स्ट फ्लोर पर जिन दो कमरों में महिला वार्ड को शिफ्ट करना है वह भी भवन जर्जर है। इसलिए उस भवन की भी मरम्मत कराई जा रही है। इस तरह महिला वार्ड को 1 सप्ताह बाद ही शिफ्ट किया जा सकता है।

अस्पताल के पुराने भवन को तोड़कर मलवा हटाना है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। भवन को तोड़ने और मलवा को हटाने में तेजी करने का निर्देश दिया गया है। ताकि मानसून से पहले नींव का कार्य कराया जा सके।
- डॉ. यदुवंश कुमार शर्मा, सिविल सर्जन, सीवान

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