सतर्कता जरूरी:कोरोना राेकने के लिए स्टेशन और बस स्टैंड पर भी लगेगा जांच शिविर

सीवान9 दिन पहले
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  • दूसरे राज्यों में बढ़ते संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग जुटा तैयारी में
  • 14 मार्च से अबतक नहीं मिला है एक भी संक्रमित, बाहर से आनेवालों पर फोकस

देश के कई राज्यों में इन दिनों कोरोना वायरस के मरीज बढ़ रहे हैं। इसकाे लेकर सीवान में भी कोरोना के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। ताकि, कोरोना वायरस का प्रकोप फिर से नहीं हाे। यह जिला उत्तरप्रदेश से सटा है। इस जिले के बड़ी संख्या में लोग देश के विभिन्न कई राज्यों में जाकर सरकारी और प्राइवेट नौकरी करते हैं। इसलिए उनका आना-जाना लगा रहता है। दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की वजह से इस जिले में भी कोरोना वायरस का फैल सकता है, इसलिए पहले से ही एहतियात बरतने की तैयारी की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. यदुवंश कुमार शर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना वायरस के जांच के लिए दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए सीवान स्टेशन पर कैंप लगाया जाएगा। बस स्टैंड तथा शहर के प्रमुख स्थानों पर भी कैंप लगाकर लोगों की जांच की जाएगी। शहर में कहां कहां कैम्प लगेगा, इसके लिए स्थल का चयन किया जा रहा है। सिविल सर्जन ने कहा कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कोरोना वायरस की जांच कराई जा रही है। रेड क्रॉस भवन में भी जांच के लिए सैंपल लिया जाता है। सिविल सर्जन ने कहा कि प्रतिदिन 3500 से लेकर 4000 लोगों का कोरोना वायरस की जांच कराई जा रही है। इसमें रैपिड एंटीजन किट, ट्रूनेट मशीन और आरटीपीसीआर जांच हो रही है।

प्रखंडों से सैंपल आने में हो रही है देरी
सदर अस्पताल स्थित आरटीपीसीआर जांच लैब में जांच करने के लिए सैंपल प्रखंडों से लाया जाता है, लेकिन कई प्रखंडों से सैंपल लेट आ रहा है। नियमित रूप से सैंपल नहीं आने से लैब के कर्मियों को जांच करने में कठिनाई होती है। कई प्रखंड दो-तीन दिनों का सैम्पल एक बार भेजता है। जबकि 24 घंटे के अंदर सैंपल की जांच शुरू हो जानी चाहिए। अगर किसी कारणवश 24 घंटे के अंदर सैंपल की जांच नहीं होती है तो सैम्पल 2 से 8 डिग्री तापमान के बीच रखना पड़ता है। अगर 3 दिनों के बाद यह सैंपल जांच करने की जरूरत पड़ती है तो उसको माइनस 80 डिग्री रखना पड़ता है। इस जांच की गुणवत्ता बेहतर रहेगी। लेकिन कई प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी इस बात का ख्याल नहीं कर रहे हैं और कभी कभार वह 1 दिन बाद सैंपल को भेजते हैं।

13 मार्च को आरटीपीसीआर जांच में मिला था अंतिम मरीज
जिले में कोरोना वायरस के तीसरी लहर के दौरान 13 मार्च के बाद से कोरोना वायरस के मरीज नहीं पाए गए हैं। इस वजह से अभी यह जिला कोरोना वायरस से पूरी तरह मुक्त है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरी तरह से एहतियात बरता जा रहा है। 13 मार्च को सदर अस्पताल स्थित आरटीपीसीआर जांच लैब में जांच के दौरान 1 मरीज पॉजिटिव पाया गया था। इसका पहले तक रोज संक्रमित मरीज पाए जा रहे थे, लेकिन 14 मार्च से संक्रमित मरीज मिलना बंद हो गए हैं। जबकि अभी भी जांच कराई जा रही है।

लगन में बड़ी संख्या में घर आ रहे हैं लोग
जिले में इन दिनों शादी विवाह का मौसम चल रहा है। इसलिए विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग घर आए हुए हैं। इसलिए ऐसे लोगों की भी जांच आवश्यक है। संदेह होने पर लोग प्रखंडों में खुद जांच करा रहे हैं, लेकिन रेलवे स्टेशन पर जांच की सुविधा नहीं होने से यात्री बिना जांच कराएं ही अपने घर चले जाते हैं। इससे बाहर से आए लोगों के अंदर यह पता नहीं चल पाता कि वायरस है या नहीं है।

भीड़ में जाने से पहले मास्क जरूर लगाएं
चीन में कई शहरों में लगे लॉकडाउन और देश में बढ़ते मरीजों को ध्यान में रखते हुए जिले के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। अधिकारियों ने कहा कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर हमेशा मास्क लगाकर ही जाएं। काम नहीं हो तो अब भी घर से नहीं निकलें।

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