सीवान में जहरीली हुई हवा:एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार, लोगों की सेहत पर पड़ रहा बुरा असर

सीवान2 महीने पहले

सीवान में लगातार पिछले कई दिनों से बढ़ते प्रदूषण से लोग त्रस्त हैं यहां की हवा जहरीली बन गई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार जा चुका है। जिसे बेहद गंभीर माना जा रहा है। सेहत के लिए खतरनाक मानी जाने वाली गैसों की मात्रा भी खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। जहरीली होती हवा के साथ लोगों की सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। वजह यही है कि सीवान जिला कई दिनों से देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया है। यहां दिन पर दिन स्थिति और भी खराब होती जा रही है।प्रदूषण का स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है।

यहां मोटर वाहन या ऑटोमोबाइल पेट्रोल या डीजल से संचालित होते हैं,पर्यावरण और हमारे पारिस्थितिकी तंत्र को बेहद प्रभावित कर रहे है। कार से निकलने वाले प्रदूषक तत्व वातावरण में ग्रीनहाउस उत्सर्जन के सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक हैं। पूरी दुनिया में शामिल बिहार और सीवान के लोग भी ग्लोबल वार्मिंग के डर से गुजर रहे है। जिसका सबसे बड़ा कारण वाहन प्रदूषण का बढ़ता स्तर है।

पर्यावरण पर ऑटोमोबाइल का प्रभाव लगभग 80 से 90%

पर्यावरण रक्षा कोष (ईडीएफ) के अनुसार सड़क पर चलने वाले वाहन वायु प्रदूषण का एक तिहाई हिस्सा होते हैं और सभी परिवहन से 27 प्रतिशत ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन होता है।बड़े महानगरीय शहरों में प्रदूषण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और इसका मुख्य कारण उद्योग के अलावा वाहन के माध्यम से प्रदूषण है।

शहर के चौक चौराहों पर कचरों से निकलता जहरीली धुआं

बताते चलें कि सीवान शहर के बबुनिया मोड़ बस स्टैंड, स्टेशन रोड, इत्यादि कई चौक चौराहों पर कचरों को जहां-तहां जला देने और वाहनों से निकल रही जहरीली धुआं हमारे खात्मे का कारण बनता जा रहा है। सीवान में AQI 300 के पार जाने पर जिला प्रशासन के द्वारा लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए ट्रैफिक इंस्पेक्टर शाहजहां खान सड़क पर उतर कर खुद कमान संभाले हुए हैं और लोगों को जागरुक कर रहे हैं।

कहते हैं डॉक्टर

सीवान में खराब होती जा रही जहरीली हवा पर चर्चित डॉक्टर जनरल फिजीशियन डॉ पुनीत सिंह ने बताया कि सबसे पहले जब पोलूशन में नाइट्रोजन ऑक्साइड बढ़ जाती है तो हमें सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। एयर पोलूशन में धूल भर जाने से खांसी की भी समस्या मरीजों में देखने को मिलती है। स्किन एलर्जी के साथ-साथ आंखों में परेशानी आ सकती है, हार्ड डिजिट के मरीज हो सकते हैं, इसके साथ ही फेफड़ों में कैंसर का भी शिकायत आते है।

उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार हर साल 70 लाख से अधिक लोगों को एयर पोलूशन से मृत्यु होती है। उन्होंने बचाव का उपाय बताते हुए कहा कि आसपास के वातावरण को शुद्ध करने के उपाय ढूंढने चाहिए। उन्होंने लोगों को अधिक से अधिक पोलूशन को दूर करने के लिए पेड़ पौधे लगाने रेयर केस में ही गाड़ियां निकालने और उसका उपयोग करने की सलाह दी। साथी अपने मुंह पर मास्क लगाकर निकलने की बात कही है।

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