कार्यक्रम:रेनगन सिंचाई पद्धति से 50% बढ़ता है फसल का उत्पादन, गुणवत्ता भी रहती है बरकरार

हसनपुराएक महीने पहले
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प्रशिक्षण शिविर में मौजूद अधिकारी व अन्य। - Dainik Bhaskar
प्रशिक्षण शिविर में मौजूद अधिकारी व अन्य।
  • पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला व प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन

सहायक निदेशक उद्यान के द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के तहत रविवार को प्रखंड के उसरी खुर्द स्थित पंचायत भवन के प्रांगण में प्रखंड के किसानों का एक दिवसीय कार्यशाला व प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ हर्षा बीआर वैज्ञानिक ( फसल उत्पादन ) केवीके भगवानपुर हाट के द्वारा किया गया। इस दौरान प्रखंड उद्यान पदाधिकारी श्यामबाबू सिंह ने प्रशिक्षण शिविर में मौजूद किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई एक उन्नत सिचाई प्रणाली है। जिसके द्वारा पौधे की जड़ क्षेत्र में विशेष रूप से निर्मित प्लास्टिक पाइप द्वारा कम समयांतराल पर पानी दिया जाता है। इसमें पारंपरिक सिचाई की तुलना में 60 फीसद कम जल की खपत होती है। इस प्रणाली अंतर्गत ड्रिप सिचाई पद्धति, स्प्रिंकल सिचाई पद्धति एवं रेनगन सिचाई पद्धति का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार की सिचाई प्रणाली से फसल की उत्पादकता में 40 से 50 फीसद की वृद्धि तथा उत्पादन की गुणवत्ता उच्च होती है। साथ ही खरपतवार के जमाव में 60 से 70 फीसद की कमी होती, जिससे मजदूरों की लागत में भी कमी तथा पौधों पर रोग के प्रकोप में भी कमी आती है। साथ ही उद्यान पदाधिकारी श्री सिंह ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी किसानों को दी। मौके पर कृषि समन्वयक बृज बैरिस्टर सिंह, विमलेश कुमार विमल, किसान सलाहकार संतोष कुमार चौधरी, जवाहर राम, रामेश्वर यादव, सुरेश कुमार यादव, उमेश प्रसाद के अलावे आत्मा के इनर बाबा कृषक समूह के अध्यक्ष शंभूनाथ पाठक, चुन्नू पांडेय, भरत शर्मा, कपिलदेव भगत, रामायण पंडित, लोटन यादव, मनीष कुमार कुशवाहा, रूदल यादव सहित अन्य दर्जनों किसान उपस्थित थे।

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