पहल:जलस्तर बचाने के लिए धरती पर हो हरियाली

जीरादेईएक महीने पहले
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जीरादेई में आयोजित विचार गोष्ठी में शामिल बुद्धिजीवी। - Dainik Bhaskar
जीरादेई में आयोजित विचार गोष्ठी में शामिल बुद्धिजीवी।
  • जीरादेई में सूखते जलस्रोतों को जिंदा रखने को बुद्धिजीवियों ने की बैठक, बंजर भूमि का बनाएंगे उपजाऊ

प्रखंड क्षेत्र में लगातार सूखते जलस्रोतों को लेकर समाज के बुद्धिजीवी लोगों ने चिंतन करना शुरू कर दिया है। भूगर्भ में छिपे पीने योग्य पानी के गिरते जलस्तर को देखते हुए लोगों ने जल को बचाने के लिए मुहिम शुरू करने की शपथ ली है। क्षेत्र के जीरादेई के सांसद प्रतिनिधि लाल बाबू प्रसाद के नेतृत्व में बुद्धिजीवी व समाजसेवियों ने भविष्य में पानी की किल्लत और बंजर भूमि अपने बच्चों को देने के बजाए हरियाली का तोहफा देने का निश्चय किया है। इसके लिए घर के आस पास व खाली पड़े जमीनों पर पेड़ लगा कर लोग एक दूसरे को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करने का काम करेगे । गांव के बुद्धिजीवियों ने इस बात को लेकर लोगों को जागरूक करना शुरू किया है। उन्होंने पानी की बर्बादी रोकने के लिए भूगर्भ में भरेंगे जल तभी खुशहाल होगा कल का नारा दिया है। सांसद प्रतिनिधि लालबाबू प्रसाद ने बताया कि मानव समाज से कहीं ज्यादा बेजुवान जानवरों के समक्ष पीने योग्य पानी की चिंता है। पानी के परंपरागत स्रोत खत्म होने से जानवरों के लिए पानी का संकट गहराता जा रहा है। पानी की बर्बादी के लिए मानव समाज जिम्मेदार हैं तो इसे पुनः लाने के लिए हमारी ही जिम्मेदारी है। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण तथा जल संरक्षण के लिए कार्यरत जदयू नेता मनोरंजन कुमार पिंटू ने कहा कि आने वाले दिनों में लोगों को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना न पड़े इसके लिए आधी आवादी को भी इस मुहीम के तहत जागरूक किया जा रहा है ताकि घर की महिलाए भी पानी के एक-एक बूंद को सहेजने का संकल्प ले ।मौके पर सांसद प्रतिनिधि लालबाबू प्रसाद, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण के लिए कार्यरत मनोरंजन कुमार पिंटू , रमेंद्र कुमार पप्पू, मनोज कुमार, गुड्डू यादव सहित स्थानीय ग्रामीण थे।

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