आक्रोश:मैरवा में पेटदर्द का इलाज कराने पहुंचे बच्चे की मौत के बाद हंगामा, रोड जाम

मैरवा11 दिन पहले
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फोटो घटना स्थल पर जुटी भीड़ - Dainik Bhaskar
फोटो घटना स्थल पर जुटी भीड़
  • प्राणगढ़ी के एक निजी क्लिनिक में हुई घटना, चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप
  • आरोप : शनिवार को इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ने लगी थी बच्चे की हालत

मैरवा के प्राणगढ़ी स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां शनिवार की रात्रि पेट दर्द की शिकायत पर इलाज कराने आए एक 5 वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक मैरवा के कुम्भार टोली निवासी दीपक कुमार प्रजापति का 5 वर्षीय पुत्र सागर कुमार प्रजापति है। वह अपने माता पिता इकलौती संतान था। उसने अपने परिजनों से पेट दर्द की शिकायत की थी जिसके बाद परिजन उसे शनिवार को प्राणगढी स्थित डाक्टर अमरजीत गुप्ता के यहां इलाज के लिए भर्ती कराया था। मौत के बाद परिजन चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सालय के बाहर मृत बालक का शव रख घंटों हंगामा किया। उधर मामले की गंभीरता देख चिकित्सक चिकित्सालय में ताला जड़कर फरार हो गए। चिकित्सक इसे हृदय गति रुकने से हुई मौत बता रहे हैं। मामले के संबंध में मृतक के परिजनों ने बताया कि सागर को बुखार होने की शिकायत के बाद बाद गुरुवार को परिजनो द्वारा उसे मैरवा के प्राणगढ़ी स्थित मां बाल मुखी चिकित्सालय में भर्ती किया जहां डाक्टर अमरजीत गुप्ता द्वारा बच्चे का इलाज किया गया। इलाज के बाद उन्होंने बच्चे को घर भेज दिया। शुक्रवार को बच्चे द्वारा पेट दर्द की शिकायत किए जाने पर परिजन उसे दुबारा डाक्टर के पास ले गए जहां डाक्टर ने बच्चे को दवा देने के बाद जांच के लिए शनिवार की सुबह बुलाया। परिजन शनिवार को डाक्टर द्वारा बताए गए समय पर उसे लेकर चिकित्सालय पहुंचे जहां डाक्टर द्वारा एक पैथेलीजी में बच्चे की 45 सौ रुपए की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में बच्चे के पेट में सूजन की शिकायत मिली। डाक्टर ने इलाज के लिए बच्चे को चिकित्सालय में भर्ती कर लिया। शनिवार की शाम साढ़े 7 बजे बच्चे द्वारा पेट दर्द की शिकायत किए जाने पर कंपाउंडर द्वारा बच्चे की नस में इंजेक्शन दिया गया जिसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। बच्चा अपना शरीर ऐंठने लगा तथा थोड़ी देर में ही उसने अपना दम तोड दिया। बच्चे की मौत के बाद मृतक के परिजन बच्चे के शव को लेकर चार घंटे तक हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि डाक्टर की लापरवाही के कारण उन्होंने अपने घर का चिराग खो दिया। परिजन चिकित्सक द्वारा बोर्ड पर अपने नाम के साथ एमडी लिखे जाने पर भी आपत्ति जताया। स्थानीय लोगों ने चिकित्सक के पास पर्याप्त डिग्री होने पर भी संदेह जताया। लोगों का कहना था कि पिछले कई वर्षों से चलने वाले इस चिकित्सालय में कई मौत की घटनाएं हो चुकी हैं जिसमे अधिकतम मामले को सुलझा लिया जाता है। परिजनों ने चार घंटे से अधिक समय तक चिकित्सालय के बाहर हंगामा किया।

हार्ट की थी समस्या, दूसरी जगह ले जाने को कहा था
डाॅ. अमरजीत गुप्ता ने कहा कि उनके द्वारा मरीज का फ्री में इलाज किया जा रहा था। मरीज को हार्ट में समस्या होने के कारण दूसरी जगह ले जाने के लिए कहा गया। लेकिन परिजनो द्वारा इलाज के लिए पैसे का आभाव बताया गया। इसके बाद उन्होंने खुद अपनी गाड़ी से आक्सीजन लगाकर मरीज को सीवान भेजा जहां उसकी मौत हो गई। चिकित्सक द्वारा हृदय गति रुकने से मौत की बात कही गई।

पोखरे में डूबने से युवक की मौत
हसनपुरा| एमएचनगर थाना क्षेत्र के तेलकथू गांव में 38 वर्षीय युवक की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। घटना शनिवार देर संध्या करीब 6 बजे की बताई जाती है। घटना की सूचना ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को दी। एमएचनगर पुलिस ने घटनास्थल पहुंच कर शव को अपने कब्जे में लेकर शिनाख्त में जुट गयी। मृतक की पहचान तेलकथू गांव निवासी तस्लीम अंसारी के पुत्र नौशाद अंसारी के रूप में की गई। पुलिस ने पंचनामा तैयार करने के बाद शव काे पाेस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। घटना के बारे में बताया जाता है कि नौशाद शनिवार को खेत में घूमने गया हुआ था। घर लौटते वक्त गांव स्थित पोखरे में हाथ व पैर धोने लगा। इसी दाैरान पैर फिसलने के कारण वह गहरे पानी के अंदर चला गया। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने देख हो-हल्ला किया। जबतक लोग इकट्ठा होते तब तक गहरे पानी के अंदर समा गया। देर रात शव गांव लाया गया। शव पहुंचते ही परिजनों में चीख-चीत्कार मच गयी। वह एक बहन और तीन भाइयों में छोटा था। पत्नी नजबुल खातून सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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