आक्रोश:हत्याकांड का मामला दर्ज नहीं करने पर गुस्साए लोगों ने गणपतगंज में एनएच-106 को किया जाम

राघोपुर17 दिन पहले
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गणपतगंज में सड़क जाम करते आक्रोशित लोग। - Dainik Bhaskar
गणपतगंज में सड़क जाम करते आक्रोशित लोग।
  • थानाध्यक्ष की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा, आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार

राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही बाजार वार्ड 03 निवासी विवाहिता की हत्या मामले में शव शिनाख्त होने के 72 घंटे बाद भी पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं करने और परिजनों को शव नहीं सौंपने से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। रविवार सुबह 10 बजे गणपतगंज बाजार में एनएच 106 और सरायगढ़-भपटियाही से प्रतापगंज जाने वाली सड़क को करीब पांच घंटे जाम कर राघोपुर थानाध्यक्ष रजनीश केसरी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि देवीपुर पंचायत के कोरियापाट्टी वार्ड 06 निवासी भूषण मुखिया की पुत्री सीमा कुमारी(25 वर्ष) का कुछ वर्ष पूर्व सिमराही निवासी ज्ञानी मुखिया से शादी हुई थी। जिसमें उसको एक चार वर्षीय पुत्र भी है। ज्ञानी मुखिया का पत्नी सीमा कुमारी से अक्सर झगड़ा हुआ करता था। ज्ञानी मुखिया का पहली पत्नी से भी एक 18 वर्षीय पुत्र है। जिस कारण जमीन विवाद को लेकर दोनों पिता-पुत्र सीमा से मारपीट करते थे। करीब दो सप्ताह से ज्ञानी मुखिया की पत्नी सीमा कुमारी ससुराल से लापता थी। जिसकी सूचना उसके ससुराल के पड़ोसियों ने मायके वालों को दिया। सूचना पर सीमा के पिता भूषण मुखिया ने उसके ससुराल जाकर मामले का जानकारी ली। लेकिन संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर गत 12 सितंबर को राघोपुर थाना में आवेदन देकर अपनी पुत्री का ससुराल वाले द्वारा हत्या करने की आशंका के साथ सकुशल बरामदगी की मांग की थी। शिकायत के बाद आरोपी को पकड़ा और चंद घंटे में थाने से कर दिया मुक्त : जिसके बाद राघोपुर पुलिस द्वारा सीमा के पति ज्ञानी मुखिया को पकड़कर थाना लाया गया। लेकिन कुछ घंटों के बाद उसे थाने से ही छोड़ दिया गया। उसके बाद जब सीमा के पिता भूषण मुखिया द्वारा थानाध्यक्ष से कार्रवाई की बात पूछी गई तो थानाध्यक्ष रजनीश केसरी ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए थाने से भगा दिया। उसके बाद पीड़िता के पिता मामले को लेकर एसपी के पास पहुंचे। इसी बीच परिजनों को बलुआ थाना क्षेत्र में एक महिला का शव विशनपुर गुलामी स्थित नहर से बरामद होने की सूचना मिली। जिसके बाद परिजन बलुआ थाना पहुंचे। जहां शव को देखकर उसके हाथ में लिखे नाम एवं पेट के ऑपरेशन के निशान से सीमा देवी के रूप में शिनाख्त की। लेकिन राघोपुर थानाध्यक्ष द्वारा शव के पहचान पर ही सवाल खड़ा कर दिया गया। उसके बाद पुलिस द्वारा कहा गया कि डीएनए जांच के बाद पता चल पाएगा कि शव किसकी है। जिसे लेकर पुलिस द्वारा पीड़ित के पिता से एक सादे कागज पर हस्ताक्षर कर शव ले जाने की बात कही गई। जिस कारण पुलिस ने परिजनों को शव नहीं दिया।

प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला
सड़क जाम के करीब चार घंटे बाद जब राघोपुर पुलिस जाम स्थल पर पंहुची तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस का विरोध शुरू कर दिया। उसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस के सहयोग से मामले काे शांत कराने का प्रयास किया जाने लगा। लेकिन पीड़ित परिजनों का कहना था कि जब तक राघोपुर पुलिस मामला दर्ज नहीं करेगी और सीमा का बच्चा उसके मायके वालों को नही सौंपा जाएगा, तब तक जाम जारी रहेगा।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार
राघोपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतका के पिता द्वारा प्राप्त आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मृतका के पुत्र को उसके नाना को सौंप दिया गया है। कांड का मुख्य आरोपी मृतका का पति ज्ञानी मुखिया को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।

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