भास्कर खास:मरौना की जगह बेलही में ब्लॉक, थाना व पीएचसी 25 किमी दूर

नारायण प्रसाद | मरौना13 दिन पहले
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बेलही स्थित मरौना प्रखंड कार्यालय। - Dainik Bhaskar
बेलही स्थित मरौना प्रखंड कार्यालय।
  • स्थापना के 58 वर्ष बाद भी मरौना में नहीं मिल सका प्रखंड कार्यालय को भवन, बेलही पंचायत के सामुदायिक भवन में चल रहा दफ्तर

इसे विडंबना ही कही जाएगी कि मरौना प्रखंड कार्यालय को स्थापना के 58 वर्ष बाद भी अपना भवन नहीं है। यहां के स्थानीय लोगों की समस्या का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्लॉक जाना है तो उन्हें बेलही पंचायत जाना पड़ेगा और अगर मरौना पीएचसी या थाना जाना है तो ब्लॉक से 25-30 किमी दूर जाना होगा। उल्लेखनीय है कि 1964 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय के द्वारा इस ब्लॉक की स्थापना की गई थी। प्रखंड कार्यालय को मरौना अब तक न तो अपनी जमीन है और न ही भवन बना। मालूम हो कि 13 पंचायतों के इस प्रखंड को कोसी की धारा ने दो भागों में विभक्त कर दिया है। लगभग 65 वर्ग किमी में फैले इस प्रखंड की आबादी लगभग दो लाख है। प्रखंड कार्यालय विकास की दौर में काफी पीछे चल रहा है।

1987-88 में निर्मली के एक फूस के घर से बेलही आया कागजात
58 वर्ष पूर्व मरौना प्रखंड कार्यालय निर्मली में एक फूस के घर में चल रहा था। 1987-88 में आई भूकंप व बाढ़ से जब घर गिर गया तो बेलही के कुछ लोगों के द्वारा सभी कागजात व सामान बेलही लाया गया। तब से प्रखंड कार्यालय का संचालन बेलही स्थित प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय के कुछ कमरों में होने लगा। 1993 में बेलही पंचायत में बनाए गए ग्रामीण विकास भवन और सन् 2002-03 से अब तक सामुदायिक भवन बेलही में मरौना प्रखंड कार्यालय संचालित हो रहा है।

करीब आधा दर्जन गांव के लोग नदी पार कर पहुंचते हैं ब्लॉक

प्रखंड का क्षेत्र लम्बा होने व कोसी के कारण आवागमन की असुविधा के कारण से सिसौनी, घोगररिया पंचायतों के आधा दर्जन से अधिक गांव के लोगों को कोसी नदी के उस पार से आना जाना पड़ रहा है। जिसको लेकर प्रखंड मुख्यालय बेलही आने-जाने में काफी परेशानी होती है। प्रखंड क्षेत्र स्थित घोघररिया पंचायत के खुखनाहा अमीन टोला, लक्ष्मीनिया, गोठ खुखनाहा, जोबहा, महीस बेचा आदि गांवों के लोगों को कोसी नदी को पार कर बेलही प्रखंड मुख्यालय आवागमन में काफी परेशानी होती है। इस वजह से कई बार वृद्ध व महिलाओं को सरकारी लाभ से वंचित रहना पड़ता है। सरकार के द्वारा जाति, आवासीय, दाखिल खारिज, वृद्धा पेंशन, निःशक्तता पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आदि से संबधित आवेदन आरटीपीएस काउंटर के माध्यम से लिया जाता है, जो कैमरे के सामने खड़े होकर जमा करना पड़ता है। लंबी दूरी होने व आवागमन की सुविधा नहीं होने की वजह से वृद्ध व महिलाएं ससमय प्रखंड कार्यालय नहीं पहुंच पाती है।

ज्वलंत समस्या को टाल रहे अधिकारी
ब्लॉक कार्यालय की इस महत्वपूर्ण समस्या के बावत पूछे जाने पर बीडीओ अभिमन्यु कुमार ने कहा कि प्रखंड कार्यालय के जमीन से संबंधित जानकारी सीओ देंगे। जबकि, मरौना सीओ निरंजन सुमन ने कहा कि प्रखंड कार्यालय अभी बेलही में अवस्थित सामुदायिक भवन में चल रहा है। भवन निर्माण हेतु जिला को प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन, प्रखंड कार्यालय के नया भवन के लिए जमीन अधिग्रहण का अब तक कोई भी विभागीय आदेश नहीं मिला है।

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