सुपौल में डॉक्टर की पिटाई का मामला:डॉक्टर बोले- यहां डर लगता है मुझे काम करने से, CS से मिल कर रखी बात

सुपौल4 महीने पहले

सुपौल जिले के प्रतापगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की पिटाई मामले में बीते 12 दिनों से स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी और इमरजेंसी सेवा बाधित पड़ी है। प्रतापगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डॉक्टरों का कहना है कि वो इतने भयभीत हैं,की उन्हें ड्यूटी करने पर डर लगता है।

हालांकि इस बाबत स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी ने सिविल सर्जन को सूचना दे कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करवाने की मांग की है। दरअसल जहां आपको जानकारी दे दे की बीते 26 सितंबर की शाम करीब 6 बजे कालिकापुर के रहने वाले दिलीप मिश्रा की पत्नी 45 वर्षीय मीसा देवी महिला को जहरीले सांप गाँव मे काटने के उपरांत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापगंज लाया गया था जिसके गंभीर स्थिति के मद्देनज़र तैनात डॉक्टर ने महिला मरीज को रेफर कर दिया था जिस के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।

परिजनों और ग्रामीणों के द्वारा प्रतापगंज स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर गजेंद्र कुमार हिमांशु की बेरहमी से पिटाई कर दी गई थी। इस मामले में डॉक्टर के द्वारा प्रतापगंज थाने में FIR भी दर्ज करवाया गया था।लेकिन जिस घटना के 12 दिन बीत गए हैं। अब तक इन इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर नाराज डॉक्टरों ने OPD सेवा और इमरजेंसी सेवा को ठप कर दिया है। प्रतापगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टरों का साफ तौर से कहना है कि वहां ड्यूटी करने पर हमें डर लगता है।

स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टरों की पिटाई आए दिन हो रही है। बावजूद इसकी ना तो रोकथाम की जा रही है और ना ही सुरक्षा व्यवस्था ही मुकम्मल किया जा रहा है। ऐसे में तमाम डॉक्टरों ने यह निर्णय लिया कि ओपीडी सेवा और इमरजेंसी सेवा बाधित रहेगी।

इसी कड़ी में शुक्रवार को भी ओपीडी सेवा और इमरजेंसी सेवा बाधित रही। प्रतापगंज स्वास्थ्य केंद्र के तमाम डॉक्टर और स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ हरेंद्र साहू ने सुपौल सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचकर मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। इधर सिविल सर्जन मिहिर कुमार वर्मा मामले में तमाम डॉक्टरों को समझाने बुझाने में जुटे रहे।

सिविल सर्जन ने इस बाबत डाक्टरों को आश्वाशन दिया है। जल्द मामले मे मांग पूरी होंगी।इस मामले में प्रतापगंज थाना अध्यक्ष प्रभाकर सवाल किया गया।तो इस मामले से जुड़े हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।बाकी आरोपियों के लिए छापेमारी जारी होने की जानकारी दीं है।