केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय पहुंचे पातेपुर:4 बच्चों संग जहर खानेवाली महिला के परिजनों से की मुलाकात, परिजनों ने रखी सरकारी नौकरी की मांग

हाजीपुर4 महीने पहले
मौके पर पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री।

वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंण्ड के हरलोचनपुर सुक्की गांव पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय मृतक के परिजनों से की मुलाकात और उन्हें दी सांत्वना। पीड़ित परिजनों से मुलाकात के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि एक ही परिवार बच्चों समेत 05 लोगों की आत्महत्या बहुत दुःखद है, हृदय विदारक है। पूरा समाज दुखी है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की भरण पोषण, आवास की व्यवस्था करने की बात कहा है।

वही पीड़ित परिजनों ने केंद्रीय मंत्री को लिखित आवेदन देकर मांग किया कि मृतका महिला का पति रंजीत साहनी राशन कार्ड, इंदिरा आवास, दमा की बीमारी से पति ग्रसित है एक पैर में स्टील लगा है। पति काम करने में समर्थ है जिसके कारण भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई थी। पत्नी रिंकू देवी आर्थिक तंगी के कारण बच्चों समेत आत्महत्या कर ली थी। आवेदन में पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद, एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की है। इस आवेदन में हरलोचनपुर सुक्की पंचायत के मुखिया गौतम राम, उपमुखिया नवल साहनी, पंचायत समिति सदस्य अरविंद कुमार समेत 100 से अधिक की संख्या में ग्रामीणों का हस्ताक्षर शामिल है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पहुंचने पर स्थानीय विधायक लखेन्द्र पासवान, स्थानीय मुखिया,उप मुखिया,वार्ड सदस्य,बीजेपी कार्यकर्ता तथा दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे

मालूम हो कि बीते 20 मई को वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंण्ड के हरलोचनपुर सुक्की गांव में पारिवारिक विवाद में एक महिला ने अपने चार बच्चों के साथ जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी।जिसमे महिला समेत चार बच्चों की मौत हो गई थी। हरलोचनपुर सुक्की पंचायत के वार्ड संख्या 09 में छोटे लाल साहनी के 38 वर्षीय पुत्र रंजीत सहनी की पत्नी 32 वर्षीय रिंकू देवी ने पारिवारिक विवाद को लेकर अपने चार बच्चों के साथ जहर खाकर आत्म हत्या कर ली थी।जिसमे पांचों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

घटना में हरलोचनपुर सुक्की गांव निवासी रंजीत सहनी की पत्नी 32 वर्षीय रिंकु देवी,12 वर्षीय पुत्र करण कुमार,सात वर्षीय पुत्री सीवानी कुमारी,5 वर्षीय पुत्री सलोनी कुमारी की मौत हो गई थी वही दो साल की संध्या कुमारी की भी ईलाज के दौरान मौत हो गई थी।आपसी समझौते के बाद सभी शवों का अंतिम संस्कार गांव के ही नून नदी घाट पर कर दिया गया था।और परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था।

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