आत्महत्या:घर में फंदा लगा बीमार व्यक्ति ने किया सुसाइड, 15 साल से अलग रह रही थी पत्नी

डेराबस्सीएक वर्ष पहले
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डेराबस्सी में बीमारी से तंग आकर एक व्यक्ति ने खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान 40 वर्षीय मंगतराम पुत्र जगदीश के तौर पर हुई है। मंगतराम का शव घर में खिड़की की ग्रिल से बंधी रस्सी के फंदे में लटका हुआ मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें अपनी मौत के लिए उसने खुद को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। 

जानकारी के मुताबिक मंगतराम डेराबस्सी नगर परिषद में सफाई सेवक था। विवाह के बाद 2015 में परिवार में एक बेटे ने जन्म लिया। बेटे के साथ उसकी मां तभी से अपने मायके रायपुररानी में अलग रह रही है और उसने अपने खर्चे के लिए मंगतराम के खिलाफ पंचकूला की अदालत में केस भी दर्ज कर रखा है। घर में माता और पिता का साया पहले ही उठ चुका था।

उसका छोटा भाई 38 वर्षीय राजकुमार भी दिमागी तौर पर ठीक न होने से उसकी परेशानी और बढ़ गई थी। उसकी बहन रिंपी ने बताया कि मंगतराम पांच छह महीने से डिप्रेशन में था। मौके से मंगतराम का हिंदी में लिखा सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। थाना प्रभारी सतिंदर सिंह ने बताया कि सीआरपीसी 174 के तहत कार्रवाई अंजाम दी जा रही है।

सुसाइड नोट के बावजूद अधूरी रही अंतिम इच्छा

रविवार शाम मंगतराम अपने रिश्तेदारों के साथ पत्नी और बेटे को लेने रायपुररानी गया था। लेकिन परिवार को मनाने की यह आखिरी कोशिश साबित हुई। मंगतराम ने लिखा कि बीमारी को लेकर उसे काफी टेंशन थी। उसने अपने शव का पोस्टमार्टम न कराने का जिक्र किया है, वहीं अपनी चिता को अग्नि देने के लिए उसके बेटे को हक देने का अनुरोध किया है। ये दोनों इच्छाएं भी अधूरी रह गई। डेराबस्सी सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया जबकि उसकी चिता को अग्नि देना तो दूर ससुराल या परिवार से बेटा, पत्नी समेत कोई अफसोस तक जताने भी नहीं पहुंचा। पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट के आधार पर मंगतराम के ससुरालिया परिवार को सूचित किया गया था लेकिन कोई नहीं पहुंचा। उसके चचेरे भाई के लड़के ने शव को मुखाग्नि दी।

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