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अब सड़क पर साइकिल चालकों के भी कटेंगे चालान:ट्रैक पर साइकिलिंग नहीं की होगी कार्रवाई, प्लानिंग में जुटी ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की टीमें

चंडीगढ़2 महीने पहले
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चंडीगड़ की सड़कों पर साइकिल चलाते साइकिलिस्ट। - Dainik Bhaskar
चंडीगड़ की सड़कों पर साइकिल चलाते साइकिलिस्ट।

सिटी ब्यूटीफुल में यातायात के नियमों के उल्लंघन पर ट्रैफिक पुलिस अब साइकिल चालकों का चालान काट सकती है। इसके लिए प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने एक प्लान तैयार किया है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार शहर में साइकिल सवारों की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में कई साइकिल सवारों सहित राहगीरों की मौत की भी घटनाएं भी हुई हैं। हादसों को कंट्रोल करने के लिए ट्रैफिक पुलिस की दो टीमें जागरुकता अभियान भी चला चुकी हैं। अब ट्रैफिक पुलिस को इस मामले में प्रशासन की हरी झंडी मिलने का इंतजार है।

सेक्टर-29 ट्रैफिक लाइन, सेक्टर-23 चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क सहित पुलिस के अधीन आने वाली जगह पर जब्त साइकिल स्टोर की जाएगी। नियमों के तहत अभी चालान की राशि 40 से 50 रुपयों से बीच तय की गई है। लेकिन इस प्रपोजल में चालान की राशि 200 से 300 रुपये करने का सुझाव दिया गया है। इसमें ट्रैक छोड़कर सड़क पर चलने, गलत टर्न लेने, चलती ट्रैफिक के बीच में घुसने, बिना रिफ्लेक्टर सहित अन्य नियम शामिल हैं।

मास्टर प्लान में साइकिल के लिए ग्रीन कॉरिडोर
शहर में एक सेक्टर से दूसरे में जाने के लिए मेन रोड पर आना पड़ता है। जो साइकिल ट्रैक बने हैं वह भी मेन रोड के साथ ही बने हैं। जबकि चंडीगढ़ में लेजर वैली ग्रीन बेल्ट है। यह शहर को दो हिस्सों में बांटती है। इस ग्रीन बेल्ट में साइकिल के लिए पूरा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाना चाहिए। मास्टर प्लान में भी इसका प्रविधान है। इससे साफ-स्वच्छ ग्रीनरी के बीच से साइकिलिस्ट गुजरेंगे तो स्वस्थ रहेंगे। रोड साइड चलने से प्रदूषण का खतरा रहता है। चंडीगढ़ को भी इस तरह से डिजाइन किया जाना है कि वह ग्रीन बेल्ट की ओर खुलें।

चंडीगढ़ की साइकिल ट्रैक - फाइल फोटो
चंडीगढ़ की साइकिल ट्रैक - फाइल फोटो

सेक्टर-42 में गवर्नमेंट कॉलेज वाली लाइन इसी तरह से ओपन की गई है। बच्चे कॉलेज से सीधे ग्रीन बेल्ट में निकलते हैं तो अच्छा महसूस करते हैं। चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031 के लिए तो यह लक्ष्य तय किया गया है कि चंडीगढ़ को बाई साइकिल एंड वॉकिंग कैपिटल ऑफ इंडिया बनाया जाना है।

एस्टेट ऑफिस में होगा चालान का भुगतान

शहर में रेहड़ी-फड़ी और रिक्शा चालकों के चालान की तर्ज पर ही ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले साइकिल चालकों पर पुलिस शिकंजा कसेगी। निगम और एस्टेट ऑफिस में चालान का भुगतान करने के बाद रसीद मिलेगी। उस रसीद की कॉपी देकर पुलिस के कब्जे से साइकिल छूटेगी।

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