अंडरब्रिज में बैठे रहते हैं पशु, हादसे का डर:शहर में गऊशाला होने के बावजूद लावारिस पशुओं की संख्या बहुत ज्यादा

कुराली3 महीने पहले
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स्थानीय शहर में लावारिस पशुओं की प्रतिदिन बढ़ रही भरमार और सड़कों एवं गलियों में घूमते पशु शहर वासियों के लिए भारी समस्या का कारण बनते जा रहे है। आवारा पशुओं से सड़कों पर हादसे होने का डर लगा रहता है। वही गलियों में घूम रहे लावारिस पशुओं के झुंड लोगों के लिए भारी परेशानी का कारण बने हुए है। शहर में गऊशाला होने के बावजूद शहर में लावारिस पशुओं की संख्या बहुत ज्यादा है।

बेशक सरकार की ओर से गौ-वंश के लिए कई चीजों पर गौ सैस लगाकर पैसे तो इकट्ठे किए जा रहे है लेकिन सरकार इन लावारिस पशुओं को संभालने और इनसे होने वाले हादसों को रोकने में असफल रही है। शहर और क्षेत्र वासियों ने जिला प्रशासन से सड़कों और गलियों में घूम रहे इन लावारिस पशुओं से छुटकारा दिलाने के लिए ठोस प्रबंध किए जाने की मांग की है।

शहर मेंं लावारिस पशुओं की भरमार है और ये पशु यहां पर सड़कों, गलियों के अतिरिक्त अंडरब्रिज में बैठे रहते है। ये पशु दिन के समय जब सड़क पर आते है तो गाड़ियां इन लावारिस पशुओं से बचकर निकल जाती है लेकिन रात के समय पशुओं के कारण शहर में कई हादसे हो चुके है। शहर के प्राचीन डेरा बाबा गोसाई आणा में लावारिस पशुओं के लिए गौशाला बनाई गई है लेकिन वहां पर भी लावारिस पशुओं की भरमार है।

गौशाला प्रबंधकों द्वारा वहां पर लावारिस पशुओं की देखरेख के लिए कर्मचारी तैनात किए गए है। लेकिन शहर में घूमने वाले लावारिस पशुओं को काबू करके इस गौशाला में भेजने के लिए कोई प्रबंध तथा स्टाफ नहीं है। जिस कारण ही शहर में लावारिस पशुओं की भरमार बढ़ती जा रही है। शहर वासियों ने जिला प्रशासन से इन लावारिस पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है।

लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए मुहिम चलाई जा रही है
इस संबंधी संपर्क करने पर नगर काउंसिल के एसआई दर्शन कुमार ने बताया कि शहर में लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए जल्दी ही मुहिम चलाई जा रही है और कैपचर टीम को बुलाया जा रहा है जिसके बाद इन लावारिस पशुओं को पकड़ कर गौशालाओं में पहुंचाया जाएगा।

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