हर हर महादेव:धर्मेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित नर्मदेश्वर शिव की पिंडी

कुराली2 महीने पहले
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  • स्वामी शिव रूवरूप आत्मा नदी पार वालों ने की थी स्थापना

धरती पर साक्षात रूप में अगर कोई भगवान मौजूद हैं तो वो भगवान शिव हैं और शिव अपने भक्तों को उनकी मनोकामना के अनुरूप हर वरदान देते हैं। भोलेनाथ ही एक ऐसे भगवान हैं, जो शिवलिंग के रूप में इस धरती पर विद्यमान है। जिनकी पूजा-अराधना उनके भक्त अपने अनुसार करते है। ऐसी ही अराधना शहरवासियों में है जो पिछले लगभग दो दशकों से स्थानीय वार्ड नंबर- 14 में स्थित बाबा सोढ़ी धर्मेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित नर्मदेश्वर महादेव की पूजा अर्चना करते आ रहे है।

मंदिर के पुजारी गोपेश पचौरी ने बताया कि स्थानीय बाबा सोढ़ी धर्मेश्वर महादेव मंदिर में स्वामी शिव रूवरूप आत्मा नदी पार कुटिया कैलाश धाम वालों ने यहां पर नर्मदेश्वर महादेव की स्थापना की थी। उन्होंने बताया कि बेशक यह मंदिर पहले छोटा था लेकिन शिव की महिमा और उसके भक्तो की भक्ति भावना से यहां पर विशाल मंदिर की स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन यहां पर बड़ी संख्या में शिव भक्त आते हैं और पूरे विधि विधान के साथ अभिषेक किया जाता है।

अभिषेक में महादेव को जल, दूध,दही,घी,शक्कर,शहद,गंगा जल, फल, फूल, दतूरा और अन्य धार्मिक सामग्री से स्नान करवाया जाता है। प्रतिदिन सुबह आश्रम में भक्तों द्वारा पूरे मंत्रों उच्चारण के साथ भोले नाथ की पूजा की जाती है। पुजारी गोपेश पचौरी ने बताया कि शिव शंभु आदि और अंत के देवता है और इनका न कोई स्वरूप है और न ही आकार वे निराकार हैं. आदि और अंत न होने से लिंग को शिव का निराकार रूप माना जाता है, जबकि उनके साकार रूप में उन्हें भगवान शंकर मानकर पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी स्वंय शिव स्वरूप आत्मा थे और उन्होंने अपने हाथों से इस मंदिर में नार्मदेश्वर महादेव को स्थापित किया था। जिस कारण लोगों की यहां पर बहुत आस्था है।

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