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वार्डबंदी पर बाड़बंदी:हाईकोर्ट जाने की तैयारी में अकाली दल

मोहालीएक महीने पहले
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  • निगम चुनावों को लेकर की जा रही वार्डबंदी को बताया नियमों के खिलाफ, जानकारियां मांगी

अक्तूबर में सरकार की ओर से नगर निगम चुनाव करवाने को लेकर ऐलान किया था। उसके बाद से जहां कांग्रेसी खेमा शहर के 50 वार्ड्स की दोबारा से वार्डबंदी करने में जुटा हुआ है। वहीं अब अकालियों की ओर से भी इस वार्डबंदी को नियमों के खिलाफ बताकर इसकी बाड़बंदी करने की तैयारी कर ली गई है, जिसके तहत नगर निगम पर सतासीन रहे अकाली दल के दो पार्षदों जिनमें डिप्टी मेयर मंजीत सिंह सेठी तथा पार्षद आरपी शर्मा ने अपने वकील के जरिए एडिशनल चीफ सेक्रेटरी लोकल बॉडीज को लीगल नोटिस भेजकर वार्डबंदी पर कई जानकारियां मांगी हैं।

यह भी कहा है कि यह वार्डबंदी पूरी तरह से नियमों के उल्ट है। उन्होंने लीगल नोटिस के जरिए यह भी बताया है कि उन्हें उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर एक सप्ताह में जानकारी दी जाए। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए पूरी तरह से आजाद होंगे। वहीं दूसरी तरफ सरकार की ओर से जो वार्डबंदी बोर्ड बनाया गया है उसके द्वारा अभी तक न तो कोई बैठक की गई है और न ही वार्डबंदी को लेकर कोई अगली कार्रवाई की गई है।

जो सर्वे किया है उसकी जानकारी मांगी गई है
डिप्टी मेयर मंजीत सिंह सेठी ने बताया कि उन्होंने अपने एडवोकेट के माध्यम से जो लीगल नोटिस भेजा है उसमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी लोकल बॉडीज, भारत सरकार के डॉयरेक्टर जनगणना, डॉयरेक्टर लोकल बॉडीज पंजाब तथा कमिश्नर नगर निगम से पूछा है कि शहर में जो नई वार्डबंदी की जा रही है वह किस सर्वे के आधार पर की जा रही है। क्या लोकल बॉडीज विभाग ने कोई सर्वे करवाया था।
जिससे यह साफ हुआ था कि शहर के वार्ड्स में जनसंख्या बढ़ गई है।

यह सर्वे कब करवाया गया था। इसमें कौन-कौन से कर्मचारियों को लगाया गया था और इसके साथ ही इस सर्वे के लिए कौन सा रजिस्टर मेंटेन किया गया और इसके लिए किस अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि नगर निगम का गठन होने के बाद जब पहली बार निगम का चुनाव 2015 में करवाया गया था तो उसके वार्ड्स को लेकर 2014 में नगर निगम ने वार्ड अनुसार सर्वे करवाया गया था और उसी के आधार पर 50 वार्ड बनाए गए थे। इसकी पूरी जानकारी मांगी गई है।

2015 की वार्डबंदी पर 50 फीसदी महिला आरक्षण

लीगल नोटिस के जरिए यह भी बताया गया है कि यदि उनके सवालों का जवाब नहीं दिया जाता है तो वह कोर्ट जाने के लिए मजबूर होगें। इसके साथ ही इन अधिकारियों को यह भी बताया गया है कि वर्ष 2015 की वार्डबंदी के नक्शे के अनुसार चुनाव यदि सरकार करवाना चाहती है तो उस पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके साथ ही 2015 की वार्डबंदी के तहत ही यदि लोकल बॉडीज विभाग 50 फीसदी महिला आरक्षण लागू करती है तो भी उनको स्वीकार है लेकिन किसी प्रकार से नियमों को दरकिनार कर जो वार्डबंदी की जाएगी वो उनको मंजूर नहीं है।

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