मास्टर प्लान / शहर में नहीं बने साइकिल ट्रैक, जो मास्टर प्लान में थे उनको भी डेवलप नहीं किया

Bicycle tracks not built in the city, which were in the master plan, were also not developed
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Bicycle tracks not built in the city, which were in the master plan, were also not developed

  • गमाडा के मास्टर प्लान में सभी सड़कों के फुटपाथ के साथ साइकिल ट्रैक बनाने का प्रावधान

दैनिक भास्कर

May 29, 2020, 05:00 AM IST

मोहाली. शहर में इस समय कोई भी साइकिल ट्रैक नहीं है। हालांकि साइकिल प्रेमियों के लिए 11 साल पहले एक मार्ग पर ही साइकिल ट्रैक बना था। उसके बाद किसी मार्ग पर कोई साइकिल ट्रैक नहीं है। जो ट्रैक बना था उस एरिया में भी लोगों ने अपने मकानों के पीछे दरवाजे निकाल रखे हैं जिस कारण यह ट्रैक भी बेमाइनें है। साइकिल ट्रैक को मेनटेन ना करने से लोगों को मुख्य मार्गों पर ही साइकिल चलानी पड़ती है जिससे की साइकिल सवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं नगर निगम की ओर से साइकिल ट्रैक बनाने के लिए हाउस बैठक में प्रस्ताव तो पास किए हैं लेकिन उस पर अभी तक जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो पाया है।

गमाडा के मास्टर प्लान में फुटपाथ के साथ साइकिल ट्रैक बनाने का प्रावधान : गमाडा की ओर से शहर के सभी मुख्य मार्गों को लेकर जो मास्टर प्लान तैयार किया गया है और जिसे डिस्ट्रिक टाउन प्लानर की ओर से भी सभी सिविल विंग को भेजा गया है। उसमें साफ बताया गया है कि 35-35 फुट की आने-जाने के लिए अलग-अलग सड़कें हाेंगी और इन सड़कों के बीच चार फुट का सेंटर बर्ज होगा और दोनों सड़कों के साइड पर 13 फुट का फुटपाथ होगा जिसमें से आठ फुट का साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा। लेकिन यह मास्टर प्लान शहर के एक मार्ग पर ही दस साल पहले लागू हाे पाया है। मदनपुर चौंक से लेकर सैमी कंडेक्टर लिमिटेड तक के मार्ग पर यह साइकिल ट्रैक बना हुआ है।
आठ की जगह पांच फुट के ट्रैक बनाए, बेक डोर बने परेशानी : इंजीनियर एनएस कलसी जो गमाडा कल्याण काली महासंघ के अध्यक्ष हैं, ने बताया कि मदनपुरा चौंक से लेकर सैमी कंडेक्टर तक के मार्ग पर जो साइकिल ट्रैक दस साल पहले गमाडा ने बताया था वो मास्टर प्लान  के अनुसार नहीं है। मास्टर प्लान में आठ फुट का साइकिल ट्रैक बनाने का प्रावधान हैं। लेकिन जो ट्रैक बना हुआ है वो भी पांच फुट का है। पहले से ही कम जगह में बने ट्रैक के लिए मकानों की बेक साइड डोर बाधा बन रहे हैं। शहर के सभी मुख्य मार्गों के दोनों ओर कोठियों की बेक साइड है। जो पीछे से बंद होती है लेकिन लोगों ने दरवाजे निकाल रखे हैं। इस गैरकानूनी काम के चलते साइकिल ट्रैक भी प्रभावित होता है।  
शहर के किसी भी मार्ग पर अभी तक नहीं बन पाए हैं साइकिल ट्रैक: एक ट्रैक बनाया गया था उसके बाद किसी भी मार्ग पर कोई साइकिल ट्रैक नहीं बना है। जाे लोग साइकिल प्रेमी हैं उनके लिए यह बड़ी परेशानी का सबब हैं। लोग अपने बच्चों को साइकिल दिलाते हैं लेकिन जगह ना होने के कारण वो अंदरूनी सड़कों तक ही सीमित रहते हैं। विशाल शर्मा ने बताया कि अगर ट्रैक बन जाए तो आम आदमी भी साइकिल के जरिए सुबह शाम आवागमन कर सकता है और कसरत के लिए भी साइकिल का इस्तेमाल किया जा सकता है। ट्रैक नहीं हैं, जहां ट्रैक हैं वहां पर सड़क पार करने की व्यवस्था नहीं है। चंडीगढ़ की तर्ज पर अगर साइकिल ट्रैक बनाए जाएं तो शहर के साइकिल प्रेमियों के लिए यह बड़ा फायदा होगा।

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