पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

परेशानी:केंद्र की टीम का आरोप- मोहाली जिले में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग नहीं हो रही

मोहाली2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

पिछले दिनों केंद्र की जो टीम मोहाली में कोरोना के प्रबंधों का जायजा लेने आई थी उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मोहाली में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग नहीं की जा रही। इसको लेकर प्रशासन की ओर से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि जो मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है उसे होम क्वारिन्टाइन 17 दिन के लिए कर दिया जाता है।

उसके घर कोई भी स्वास्थ्य कर्मी न तो यह जानने जाता है कि उसके अतिरिक्त मरीज के कॉन्टैक्ट में आने वाले कितने पारिवारिक सदस्य हैं और न ही पारिवारिक सदस्यों का टेस्ट किया जाता है। सरकार की ओर से जो फतेह किट दी जाती है उसके लिए भी अस्पताल आकर किट ले जाने के लिए कहा जाता है।

जिन मरीजों के अन्य परिजन हैं वो तो किट लेने पहुंच जाते हैं, लेकिन जहां सभी पॉजिटिव हैं या कोई किट ले जाने वाला नहीं है उस कोरोना पॉजिटिव मरीज को खुद किट ले जाने के लिए अस्पताल आने के लिए कहा जा रहा है।

फोन पर जाना हाल, उसके बाद कॉल नहीं आई

फेज-2 निवासी कोरोना पॉजिटिव मरीज ने बताया कि जैसे ही उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसके करीब एक दिन बाद कॉल आई ,जिसमें उसका हालचाल पूछा गया और घर में कितने सदस्यों को कोरोना है उसकी जानकारी ली गई।

फिर उसके बाद पुलिस प्रशासन और अस्पताल से कॉल आई। उन्होंने बताया कि हालत बिगड़ी थी इसलिए वे प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने चले गए थे। अस्पताल या प्रशासन की ओर से कुछ नहीं पूछा गया। पारिवारिक सदस्यों की कोई जांच नहीं हुई।

पारिवारिक सदस्यों की जांच के बारे में नहीं पूछा

मॉडल टाउन कुराली निवासी कोरोना पॉजिटिव मरीज ने कहा कि वे जब टेस्ट करवाने गया था तो उसके 2 दिन बाद रिपोर्ट आई थी। रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल से रिपोर्ट आई कि वे घर पर ही रहें। कॉल करने वाले ने पूछा कि क्या बीमारी है और फिर जवाब दिया कि अस्पताल आकर कोरोना किट ले जाएं। परिवार के सदस्यों की जांच नहीं की गई। न ही उनको कोरोना है या नहीं या वे कहां-कहां गए हैं ऐसी कोई बात नहीं पूछी।

खबरें और भी हैं...