मांग:किसानों ने मार्केट रेट के आधार पर मांगा मुआवजा

खरड़2 महीने पहले
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केंद्रीय राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली की तरफ से मोहाली जोन में बनाए जा रहे विशेष राज मार्ग एनएच 205ए संबंधी पंजाब सरकार की तरफ से एलान किए गए जमीन के बहुत ही कम रेटों के मामले को लेकर जोन के किसानों में भारी चिंता और रोष पाया जा रहा है। जिसके संबंध में किसानों की तरफ से लामबंद होकर संघर्ष शुरू किया जा रहा है। जिक्रयोग्य है कि मोहाली जोन में आईटीसिटी चौक से कुराली-चंडीगढ़ हाईवे तक एनएच-205ए हाईवे बनाया जा रहा है जो कि एयरपोर्ट को सीधा हिमाचल प्रदेश के साथ जोड़ने का काम करेगा।

इस हाईवे पर लगभग 28 गांवों के किसानों की लगभग 400 एकड़ जमीन सरकार की तरफ से कोडियो के भाव एक्वायर की जा रही है। सरकार की तरफ से विभिन्न गांवों की जमीनों का भाव अलग-अलग अवार्ड किए गए है। इस रोड पर गांव झिंगड़ा का प्रति एकड़ 31 लाख 96 हजार 444 रुपए जब कि मोहाली शहर के करीब वाले गांवों की जमीन के भाव 4 करोड़ से भी अधिक अवाॅर्ड हुए है।

कुराली के गांव पड्याला का भाव प्रति एकड़ 1 करोड़ 40 लाख अवार्ड हुआ है जब कि कुराली में प्रति एकड़ 4 करोड़ 50 लाख से भी अधिक जमीन के दाम है। इसी तरह फतेहगढ़, बरौली, रंगीया, चंडीयाला, गोविंदगढ़ आदि गांवों के रेट भी बहुत कम ऐलान किए गए हैं।

बता दें कि पंजाब सरकार ने जमीन के रेट निश्चित करने के लिए कलेक्टर रेट को आधार माना है जो कि बहुत कम है। अन्य गांवों के कलेक्टर रेट सरकार की तरफ से ही रिवाइज किए जाते हैं। इन में गांवों के लोगों की राय नहीं ली जाती । इन गांवों की जमीनों के रेट व्यापारिक दृष्टि से कभी भी सरकार की तरफ से रिवाइज नहीं किए गए। जिसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ना पड़ रहा है।

किसानों का कहना है कि ऐसा करके सरकार किसानों को सीधा लूट रही है और करोड़ों की जमीन लाखों में एक्वायर की जा रही है। सरकार की इस बेईमानी के विरुद्ध नई बनी रोड संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान गुरदीप सिंह गिल का कहना है कि कलेक्टर रेट को आधार मान कर एलान गए रेट किसानों को मजूर नहीं है। मोहाली जिला या तहसील को इकाई मान कर सभी गांवों को अधिक से अधिक रेट दिए जाएं।

प्रिंसीपल अवतार सिंह गिल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद एक ही है इस लिए जमीन का रेट भी एक ही होना चाहिए और इलाका चंडीगढ़ पैरीफेरी क्षेत्र और पूडा, गमाडा के अधीन होने के कारण बाजारी कीमत के अनुसार जमीन के भाव ऐलाने जाएं नहीं तो यह किसानों के साथ बेइंसाफी होगी।

संघर्ष कमेटी के प्रधान गुरदीप सिंह झिंगड़ा के नेतृत्व में डीसी मोहाली को मैमोरंडम दे कर मांग की है कि ऐलान गए भाव रद्द करके बाजारी कीमत पर तहसील या जोन को आधार मान कर भाव निश्चित किए जाएं। कहा कि पातड़ा तहसील में एक जोन मान कर सुनाए अवार्ड संबंधित डीसी मोहाली को अवगत करवाया। डीसी ने इस संबंधी 9 अगस्त को चर्चा करने के लिए मीटिंग बुलाई गई है।

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