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गमाडा की कार्रवाई:60 से 70 एकड़ में अवैध काॅलाेनियां बना बेची, 47 लोगों पर मामला दर्ज

मोहाली21 दिन पहले
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  • गांव झामपुर, बहलोलपुर, बल्लोमाजरा, बड़ माजरा, दाऊ साहिब, भागोमाजरा में गमाडा ने की कार्रवाई

शहर के साथ सटे गांवों की एग्रीकल्चर जमीन पर अवैध काॅलाेनियां काट कर भोले-भाले लोगों से दगा करने वालों पर गमाडा ने लंबे समय बाद कार्रवाई की। जिसके तहत गांव झामपुर, बहलोलपुर, बड़ माजरा आदी एरिया में बनाई गई अवैध काॅलाेनियाें के करीब 47 मालिकों के खिलाफ पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेटरी एक्ट (पेपरा) की अलग-अलग धाराओं के तहत बलौंगी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया है।

गमाडा के एडिश्नल चीफ एडमिनिट्रेटर (एसीए) के बयान पर यह केस दर्ज किया गया है। गमाडा के रेगुलेटरी विंग की ओर से पिछले करीब एक साल से अवैध काॅलाेनियाें के खिलाफ अभियान चलाया हुआ था और बहुत सी जगह पर अवैध निर्माण भी गिराए गए। अब उन्हें नोटिस देकर यह एफआईआर दर्ज की गई है ताकि इन लोगों को गिरफ्तार किया जा सके।

खेताें में सड़कें बना प्लॉट बेचते थे: गमाडा के सूत्रों की मानें तो जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उन्होंने गमाडा से किसी प्रकार की कोई परमिशन नहीं ली थी। बल्कि यह लोग खेतों की जमीन पर मिट्टी डाल कर सड़क बनाते थे और सड़क के दोनों ओर बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालते थे और स्ट्रीट लाइट्स भी लगा देते थे।

ताकि लोगों को आकर्षित किया जा सके। इसके साथ ही वहां पर प्लॉट काट दिए जाते थे। भोले-भाले लोगों को यहां पर फंसा कर प्लॉट बेच दिए जाते थे। गमाडा के रेगुलेटरी विंग की ओर से इस एरिया में नानक एन्क्लेव, साई एन्क्लेव, खुशी एन्क्लेव आदी में अनेक बार बड़ी कार्रवाई की है।

जहां पर भी कोई निर्माण कार्य होता था तो उसे शुरू होने के साथ ही रेगुलेटरी विंग की टीम जेसीबी मशीन से गिरा देती थी। कॉलोनी काटने वाले लोग अन्य लोगों को गुमराह कर उन्हें दोबारा से निर्माण करने के लिए कहते थे। फिर गमाडा की टीम उसे गिरा जाती थी।

पहले प्लॉट, अब मकान बनाकर बेच रहे थे

अवैध काॅलाेनियां बनाने वाले लोग पहले वहां पर लोगों को प्लॉट बेचा करते थे और उसके बाद जब बार-बार गमाडा की टीम की ओर से अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई की जाती थी तो लोग कहीं वहां से डर कर प्लॉट खरीदना बंद न कर दें इसलिए इन काॅलाेनियाें के मालिकों को प्लॉट की जगह मकान बना कर बेचने शुरू कर दिए थे। काॅलाेनियाें के मालिकों की ओर से खुद वहां पर 2 से 5 मरले के प्लाॅटों में मकान बनाए जाते थे और उसके बाद उन्हें लाखों रुपये में बेच दिया जाता था।

खरड़-कुराली में नहीं हो रही कार्रवाई

गमाडा ने भले ही लंबे समय के बाद एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, लेकिन खरड़ से लेकर कुराली तक के मार्ग के दोनों ओर और आस-पास के गांवों में अनेक अवैध काॅलाेनियां काटी जा रही हैं। कई काॅलाेनियां तो खेतों के बीच में ही काट दी हैं। लेकिन इनपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यहां पर कॉलोनी काटने वाले लोग भोले-भाले लोगों को गुमराह कर प्लॉट और मकान बेच रहे हैं। जहां पर भी कॉलोनी काटी जा रही है उस जमीन की रजिस्ट्री भी होती है।

  • इन 47 कोलोनाइजर्स के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
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