51 साल में पहली बार / पंजाब में पांचवीं, आठवीं और दसवीं के सभी छात्र पूरे पेपर दिए बिना ही हो गए पास

बोर्ड ने अभी 12वीं के रिजल्ट को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। बोर्ड ने अभी 12वीं के रिजल्ट को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।
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बोर्ड ने अभी 12वीं के रिजल्ट को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।बोर्ड ने अभी 12वीं के रिजल्ट को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है।

  • पंजाब एजुकेशन बोर्ड नेम घोषित किया किया रिजल्ट
  • कोरोना काल में बोर्ड ने आधी-अधूरी परीक्षाओं के बावजूद सभी को किया पास
  • इस बार मेरिट नहीं, ग्रेड के आधार पर जारी किया रिजल्ट

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 11:07 AM IST

मोहाली. कोरोना काल के चलते पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड इस बार 5वीं, 8वीं, 10वीं की परीक्षाएं पूरी नहीं ले पाया था, इसलिए बोर्ड ने शुक्रवार देरशाम 5वीं, 8वीं, 10वीं का रिजल्ट घोषित करते हुए इन परीक्षाओं के रेगुलर छात्रों को पास कर दिया।

दसवीं के केवल रेगुलर और री-अपियर कैटेगरी के छात्र ही इसमें शामिल किए गए हैं, जबकि 10वीं के एडिश्नल सबजेक्ट, परीक्षा में सुधार करने, ओपन स्कूल (रेगुलर व री-अपियर) और गोल्डन चांस के सभी रजिस्टर्ड छात्रों की परिक्षा ली जाएगी। इसको लेकर डेटशीट भी बाद में जारी होगी। 

बोर्ड की ओर से बताया गया कि सभी छात्र रिजल्ट वेबसाइट www.pseb.ac.in और www.indiaresults.com पर देख सकते हैं। बोर्ड की ओर से अभी 12वीं के रिजल्ट को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है।

10वीं का तो सिर्फ एक ही पेपर हुआ था

बोर्ड का गठन 1969 में किया गया था और पहली बार बोर्ड की ओर से 1970 में परिक्षाएं ली गई थीं। तब से लेकर अब तक बोर्ड परीक्षा लेने के बाद मेरिट के साथ रिजल्ट का एलान करता रहा है, लेकिन 51 साल के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कोरोना काल के चलते पांचवीं, आठवीं और दसवीं की परीक्षाएं पूरी तरह नहीं ली गईं, दसवीं का तो केवल एक ही पेपर हुआ था, जबकि पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं अधूरी ही छूट गई थीं। इसलिए लॉकडाउन के चलते इन सभी रेगुलर छात्रों को पास कर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है।

कोरोना और लॉकडाउन के कारण फैसला

पिछली बार इन तीनों क्लासों का रिजल्ट 88 फीसदी आया था, इस बार 95 फीसदी रिजल्ट लाने का लक्ष्य रखा गया था। इसे लेकर स्कूलों में पढ़ाई भी उसी प्रकार करवाई गई थी,इसलिए एक्सपर्ट्स ने राय दी कि सभी को पास किया जाए। क्योंकि 95 का लक्ष्य है अगर 5 फीसदी कमजोर बच्चे भी पास हो जाएंगे तो इसमें कोई नुकसान नहीं होगा। वे आगे की क्लास में अच्छा काम कर पाएंगे।

बोर्ड के सूत्रों के अनुसार कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते 5वीं, 8वीं व 10वीं की परीक्षाएं पूरी तरह से नहीं ली गई थीं। 10वीं का सिर्फ पंजाब-ए का ही पेपर हुआ था। 8वीं की परीक्षाएं हो गई थीं, प्रैक्टिकल रह गए थे। 5वीं का मैथ्स और कंप्यूटर साइंस का पेपर नहीं लिया गया था। रिजल्ट को लेकर एक्सपर्ट कमेटी का गठन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किया था।

इधर, विरोध : इंटेलिजेंट छात्रों के साथ नाइंसाफी

गवर्नमेंट टीचर यूनियन के पूर्व महासचिव हरनेक सिंह मावी ने कहा कि 5वीं, 10वीं को छोड़ कर 10वीं की परीक्षाएं तो ली जानी चाहिए थी। सीबीएसई भी परीक्षा लेने की तैयारी कर रहा है तो बोर्ड को भी उसके पैटर्न को देखना चाहिए था। ऐसा रिजल्ट घोषित करना इंटेलिजेंट छात्रों के साथ नाइंसाफी है जो पिछले दस वर्षों में खासकर 10वीं के रिजल्ट को लेकर तैयारी में जुटे थे। बोर्ड का यह फैसला न्यायसंगत मेरिट पाने वाले छात्रों के लिए दिखाई नहीं दे रहा है।

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