पुरानी समस्या से मिलेगी निजात:इंडस्ट्रियल एिरया के डंपिग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ 4.35 कराेड़ में हटेगा

मोहाली3 महीने पहले
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  • कूड़े को सेग्रिगेट कर जमीनी स्तर पर लेवल करने का किया जा रहा है काम

शहर के लोगों को डंपिंग ग्राउंड में बने हुए कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ों से निजात दिलाने के लिए नगर निगम की ओर से काम किया जा रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी में बने हुए डंपिंग ग्राउंड की सालों पुरानी समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने बीड़ा उठाया है। नगर निगम की ओर से इस डंपिंग ग्रांउड में कूड़े के बने हुए बड़े-बड़े पहाड़ों को जमीनी स्तर पर लेवल किया जाएगा और इसके लिए डंपिंग ग्रांउड में काम भी शुरू कर दिया गया है।

नगर निगम की ओर से एक प्राइवेट कंपनी को काम सौंपा गया है। हाल ही में इस काम की शुरुआत नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू, सीनियर डिप्टी मेयर अमरीक सिंह सोमल तथा डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी की ओर से करवाई गई थी। मेयर अमरजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि मोहाली के लोगों की ओर से लंबे समय से डंपिंग ग्रांउड की समस्या से निजात दिलाने के लिए मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि एक साल के अंदर कंपनी की ओर से कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ों को सेग्रिगेट करके सारे गारबेज को जमीनी स्तर पर लेवल किया जाएगा।

कूड़े से प्लास्टिक अलग कर बनाई जाएगी खाद: डंपिंग ग्राउंड को लेवल करने के प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए मेयर ने बताया कि कंपनी को इस काम के लिए नगर निगम 4 करोड़ 35 लाख रुपए देगा। उन्होंने बताया कि एक साल के अंदर यह समस्या पूरी तरह से हल हो जाएगी। मेयर ने बताया कि कंपनी की ओर से गार्बेज को सेग्रिगेट (गीले सूखे कूड़े को अलग-अलग करना) कर उसमें से सारा प्लास्टिक अलग कर दिया जाएगा और उसे वहां से शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके अलावा जो मलबा बचेगा बचेगा उसे जमीनी लेवर के स्तपर पर मैनेज किया जाएगा और कूड़े के पहाड़ों को खत्म किया जाएगा।

डंपिंग ग्राउंड के चलते रेजिडेंशियल एरिया के लोगों को होती है परेशानी: डंपिंग ग्रांउड इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है लेकिन इसके साथ कुछ एरिया रेजिडेंशियल एरिया का भी लगता है। डंपिंग ग्रांउड के चलते जहां इंडस्ट्रियल एरिया की कंपनियों में काम करने के लिए आने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था वहीं रेजिडेंशियल एरिया के लोगों को भी डंपिंग ग्रांउड की बदबू के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। रिहायशी एरिया के लोगों की ओर से कोर्ट में भी इस डंपिंग ग्रांउड की समस्या से निजात दिलाने के लिए केस दायर किया हुआ है।

डंपिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने की लंबे समय से चल रही है मांग: मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 में बने हुए डंपिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने लिए यहां के इंडस्ट्रियल एरिया तथा आस-पास के रेजिडेंशियल एरिया के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे। इसको लेकर उन्होंने कोर्ट में भी केस दायर किया था। जिस पर कोर्ट की ओर से भी समय-समय नगर निगम की ओर से किए गए प्रयासों तथा अन्य कार्रवाई के बारे में जानकारी ली जाती रही है। लोगों की मांग के बाद मोहाली प्रशासन की ओर से इस डंपिंग ग्राउंड को यहां से शिफ्ट करके डेराबस्सी के समगौली गांव में शिफ्ट करने की योजना बनाई गई थी। लेकिन समगौली के लोगों के विरोध के बाद वहां पर भी यह डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट नहीं हो पाया था।

डंपिंग ग्रांउड में आग लगने से हवा में फैलता था जहर
एरिया के लोगों की ओर बार-बार शिकायत की जाती थी और कहा जाता था कि डंपिंग ग्राउंड में कभी भी आग लग जाती है। जिससे की बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है। लोगों का कहना था कि जब भी डंपिंग ग्रांउड में आग लगती थी तो आसपास के पूर एरिया में गंदा धुंआ फैल जाता था। लोगों का कहना था कि गारबेज में लगी आग का जहरीला धुंआ लोगों को बीमार करने का भी काम करता था।

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