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पहल:हादसे रोकने की पहल: कपूरथला से 500 बैरिकेड्स लाए जाएंगे

मोहाली8 महीने पहले
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  • एसएसपी ने दिए मुलाजिमों को आदेश
  • बिना नाके के खड़े नहीं होंगे पुलिसकर्मी

शहर में लगने वाले अधिकतर नाके बिना बैरिकेड के ही होते थे जिस कारण कई बार मुलाजिम हादसे का शिकार भी हुए और एक मुलाजिम की तो जान भी चली गई थी। इसको देखते हुए अब मोहाली पुलिस ने जिन जिन जगहों पर अपने बैरिकेड्स बिखरे हुए हैं।

उनको इकट्ठा कर एक स्थान पर रखने तथा जो कई महीनों से एक ही जगह पड़े रहने के कारण खराब हो चुके हैं उनको ठीक करवाने के निर्देश दिए गए हैं। अक्सर ऐसा होता था यदि मुलाजिम नाके पर लेकर गए बैरिकेड्स को नाका खत्म होने के बाद वहीं पर छोड़ देते थे। कपूरथला में कई महीनों से पड़े मोहाली जिले के 500 बैरिकेड्स वापस मंगवाने की कवायद शुरू: ट्रैफिक पुलिस सूत्रों के अनुसार नवनियुक्त एसएसपी सतिंदर सिंह ने जब ज्वाॅइन किया तो उन्होंने पाया कि सड़कों के किनारे कई बैरिकेड्स टूटी फूटी हालत में पड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त शहर में जो नाके भी लगाए जाते हैं वहां पर भी मुलाजिम बैरिकेड्स का कम ही यूज करते हैं।

जांच हुई तो पाया कि मोहाली जिले में बैरिकेड्स की कमी नहीं है, लेकिन न तो आज तक इनकी संभाल ठीक ढंग से की गई और ना ही जहां बैरिकेड्स गए थे वहां से वापस आए हैं। बैरिकेड्स को लेकर एसएसपी सतिंदर सिंह में एसपी ट्रैफिक केसर सिंह को निर्देश दिए कि शहर में बैरिकेड की जिम्मेदारी उनकी है इसलिए जिला पुलिस के बैरिकेड जहां जहां पड़े हुए हैं एक तो उनको वापस मंगवाया जाए दूसरा जो टूटे बैरिकेड्स को उठाकर ठीक करवाया जाए।

नाके के दौरान बिना बैरिकेड्स होते थे हादसे

अक्सर देखा गया है कि शहर में जब भी चाहे ट्रैफिक पुलिस या संबंधित थाना पुलिस कोई स्पेशल नाका लगाती थी तो उनके पास ब्रिगेड की कमी हमेशा खलती थी, लेकिन बैरियर न होने के कारण कई बार तो मुलाजिमों को हादसे का शिकार भी होना पड़ा।

इनमें अधिकतर ट्रैफिक मुलाजिम ही जख्मी हुए। इसलिए अब एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि शहर में लगने वाले नाके चाहे वह ट्रेन के ड्राइवर कोमा ओवरस्पीड हो, स्पेशल नाका हो या कोई भी नाका हो, हर जगह जरूरत पड़ने पर संबंधित ट्रैफिक और थाना पुलिस प्रॉपर बैरिकेड्स का यूज करने के बाद ही नाका लगाएंगे।

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