निजात / जान के लिए खतरा बने बलम खीरों को तोड़ने का नगर निगम ने शुरू किया काम

बलम खीरे तोड़ते हुए निगम की टीम। बलम खीरे तोड़ते हुए निगम की टीम।
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बलम खीरे तोड़ते हुए निगम की टीम।बलम खीरे तोड़ते हुए निगम की टीम।

  • फेज 3/5 लाइट पाॅइंट से लेकर फेज-11 तक की सड़क पर उतारे जा रहे बलम खीरे, इस बार पकने से पहले काम
  • ढाई से तीन किलो होता है एक बलम ख्रीरे का वजन, इसलिए जान के लिए घातक हैं ये

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

मोहाली. शहर की मुख्य सड़कों पर लटक रहे बलम खीराें के कारण हर साल लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। हर साल इन बलम खीरों के कारण लोगों को नुकसान झेलना पड़ता था। लेकिन इस बार नगर निगम की और से बलम खीरों की समस्या पर समय रहते निजात पाने के लिए कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। निगम की हॉर्टिकल्चर टीम की ओर से शहर की मुख्य सड़कों पर लटक रहे बलम खीरों को काटने का काम शुरू कर दिया है। 
मंगलवार को निगम टीम की ओर से फेज-3/5 लाइट पॉइंट से लेकर फेज-11 को जाने वाली मुख्य सड़कों के आस-पास लगे बलम खीरों को काटने का काम किया गया। निगम की प्रूनिंग मशीन की मदद से बलम खीरों को काटने का काम किया जा रहा है ताकि इन बलम खीरों से किसी को नुकसान ना हो। पिछले कई सालों से देखा गया कि बलम खीरा पकने के बाद पेड़ से नीचे गिरता है और रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।

कई बार ऐसा हुआ है कि बलम खीरा पेड़ से गिरा और नीचे रोड से गुजरने वाले वाहन चालक उससे घायल हुए। बलम खीरे पेड़ों से गिरने से कई बार हादसे की स्थिति भी बन जाती थी। लेकिन इस बार बलम खीरों को पकने से पहले ही नगर निगम पेड़ों से उतार रहा है ताकि कोई हादसा न हो।  
कुछ साल पहले बलम खीरा सिर पर गिरने से हुई थी बाइक सवार की मौत

पेड़ों से अचानक बलम खीरे गिरने से टू-व्हीलर वाहन चालक कई बार जख्मी हुए हैं। एक बलम खीरे का वजन करीब ढाई से तीन किलो का होता है। जब वह वाहन चालकों पर गिरता है तो उनका बैलेंस बिगड़ जाता है और वे भी गिर जाते हैं। इसके अलावा कई बार इन बलम खीरों ने लोगों की गाड़ियों के शीशे तक तोड़े हैं। वजनदार होने के चलते जब यह बलम खीरा किसी गाड़ी के शीशे पर गिरता है तो वो शीशा टूटना लगभग तय ही होता है।

कुछ साल पहले इन बलम खीरों के चलते एक युवक को अपनी जान से भी हाथ थोना पड़ा था। फेज-7 से होता हुआ युवक अपने बाइक पर जा रहा था तो उस समय युवक ने सिर पर हैलमेट भी नहीं पहना था। उसी समय अचानक से पेड़ से एक भारी भरकम बलम खीरा गिरा और सीधा जाकर युवक के सिर पर लगा था। इसके चलते वह बुरी तरह से जख्मी हो गया था और बाइक से भी अनबैलेंस होकर गिर गया था। जब युवक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया तो युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

कार चालक ने निगम को भेजा था कोर्ट नोटिस
गमाडा के पूर्व एक्सईएन इंजीनियर एनएल कलसी की गाड़ी पर भी एक बलम खीरा गिरा था। जिससे उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया था। इस बात से आहत कलसी की ओर से नगर निगम काे कोर्ट नोटिस भेज कर उनकी गाड़ी का हर्जाना तथा कंपनसेशन चार्जिज भरने के लिए कहा था। कलसी की ओर से अपने नोटिस में कहा गया था कि निगम की लापरवाही से हर साल लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ता है।

कलसी की ओर से मांग करते हुए कहा गया था कि निगम को चाहिए कि वो इन बलम खीरों के पेड़ों का कोई पक्का इलाज करे और एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से बात करके इन पेड़ों में ऐसी कोई दवाई डाली जाए जिससे की बलम खीरे उगने ही बंद हो जाएं। ताकि लोगों को इससे पक्की राहत मिल सके।

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