लापरवाही / गैरकानूनी तरीके से प्रवासियों को ले जा रहे प्राइवेट बस मालिक

Private bus owners taking migrants illegally
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Private bus owners taking migrants illegally

  • चंडीगढ़ से लोगों को मोहाली बुला नेपाल ले जाने की तैयारी में थे, पुलिस को भनक लगी तो नहीं आई बस

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

मोहाली. लॉकडाउन के चलते बाहरी राज्यों के लोगों में अपने घरों को जाने की होड़ लगी हुई है। आलम यह है प्रवासियों की ओर से घर वापसी के हर प्रकार की जद्दो-जहद की जा रही है। इसी चीज का फायदा प्राइवेट ट्रांसपोटर्स की ओर से उठाया जा रहा है और प्रवासियों से लूट की जा रही है।

प्रवासियों को बसों में बैठा कर उनके राज्यों में छोड़ने का झांसा दिया जाता है और बिना मेडिकल और बिना परमिशन ही यहां से लोगों को बसों में भरकर ले जाया जाता है। इसके लिए प्रवासियों से मोटी रकम वसूली जाती है। फिर चाहे उन प्रवासियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया जाए या रास्ते में ही छोड़ दिया जाए यह भी राम भरोसे ही है। इसी तरह वीरवार को फेज-9 पीसीए स्टेडियम के सामने करीब 35 से 40 लोग जमा थे। जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। उनसे पूछने पर पता चला कि वे लोग एक प्राइवेट लग्जरी बस के जरिए नेपाल जा रहे हैं।

इसकी सूचना जब पुलिस को दी गई तो बस कंपनी की ओर से वहां पर मौजूद एक कर्मचारी भी वहां से फरार हो गया। जिसके बाद फेज-8 पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बाद लोगों को लेने के लिए बस वहां पर नहीं आई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वे सभी चंडीगढ़ के अलग-अलग सेक्टर्स से आए हैं और सभी को नेपाल जाना है।

लोगों ने बताया कि उन्होंने बसों में जाने के लिए प्रति व्यक्ति 4 हजार रुपए दिए हैं। जिन्हें कहा गया है कि यहां से लग्जरी बस में बैठा कर ले जाया जाएगा और नेपाल के बाॅर्डर पर छोड़ कर आया जाएगा।
किसी का नहीं हुआ मेडिकल टेस्ट...
लोगों से जब पूछा गया तो पता चला कि किसी का कोई मेडिकल नहीं हुआ था। जबकि कोरोना महामारी के चलते बिना परमिशन और बिना मेडिकल करवाए किसी को भी इंटर स्टेट जाने की कोई अनुमति नहीं है। लेकिन प्राइवेट बस कंपनियां प्रवासियों की लूट में जुटी हैं और प्रवासियों को उनके राज्यों तक पहुंचाने का झांसा देकर चांदी कूटने में जुटी हैं। फेज-9 पीसीए स्टेडियम के सामने लोगों के इक्ठ्‌ठा होने की भनक जब पुलिस को लगी तो फेज-8 पुलिस स्टेशन टीम मौके पर पहुंची। जब उन्होंने वहां पर मौजूद लोगों से उनके मेडिकल और जाने की परमिशन के बारे में पूछा ताे कोई भी किसी प्रकार की परमिशन नहीं दिखा पाया। जिसके बाद पुलिस वहां पर बस का इंतजार करती रही। लेकिन करीब 2 घंटे के इंतजार करने के बाद भी कोई बस वहां नहीं आई।

जिसके बाद पुलिस की ओर से उन लोगों को वहां से वापस भेज दिया गया। एसएचओ फेज-8 रजनीश चौधरी ने बताया कि सूचना मिली थी कि लोग फेज-9 क्रिकेट स्टेडियम के सामने इक्ठ्‌ठा हुए हैं और वहां से बसों के जरिए उन्हें नेपाल भेजा जा रहा है। इसलिए बस की परमिशन चेक करने के लिए पुलिस टीम वहां पहुंची थी। लेकिन करीब 2 घंटे इंतजार करने के बाद भी वहां कोई नहीं आया। जिसके बाद वहां इक्ठ्‌ठा हुए लोगों को खाना खिलाया गया। बच्चों को बिस्किट दिए गए और सभी को जूस पिला कर वहां से वापस भेजा गया। साथ ही उन्हें अवेयर करते हुए बताया गया िक वे लोग प्रशासन की ओर से बनाए गए सिस्टम के अनुसार मेडिकल और परमिशन लेकर ही जाएं। नहीं तो उन्हें और उनके साथ बच्चों को परेशानी होगी।

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