साइबर क्राइम / फर्जी जॉइंट सेक्रेटरी बन 10वीं फेल युवक ने पढ़े-लिखों का बनाया गैंग, पंप दिलाने के नाम पर 3000 लोगों को ठगा

The 10th failed youth became a fake joint secretary, he made a gang of educated people, duped 3000 people in the name of getting pumps
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The 10th failed youth became a fake joint secretary, he made a gang of educated people, duped 3000 people in the name of getting pumps

  • देश भर में करोड़ों की ठगी करने वाले 5 आरोपियों को मोहाली साइबर ने दबोचा
  • 21 बैंकों में खुलवा रखे थे फर्जी कागजों पर अकाउंट, 2 साल से कर रहे यह काम

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:49 AM IST

मोहाली. (विनीत राणा) पेट्रोल पंप का लाइसेंस दिलवाने के नाम पर देश भर में ठगी करने का एक बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी के हमीरपुर का 10वीं फेल आकाश खुद को पेट्रोलियम मंत्रालय का जॉइंट सेक्रेटरी बताकर लोगों को ठगता था। 25 साल का आकाश अपने गैंग के साथ मिलकर 3000 लोगों को ठग चुका है। मोहाली के डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल ने इस गैंग को पकड़ने में सफलता हासिल की है। आकाश, उसके साथी यूपी के राम प्रकाश शुक्ला, ग्वालियर के महिंदर, झांसी के आसिफ खान और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे 5 लाख कैश, दो लैपटॉप, 3 मोबाइल और एक कार बरामद हुई है। पुलिस ने शनिवार को डिस्ट्रिक कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। आकाश के खिलाफ हमीरपुर में आर्म्स एक्ट सहित 8 केस पहले से ही दर्ज हैं। आरोपी 2 साल से यह गोरखधंधा कर रहे थे। 
डिस्ट्रिक्ट साइबर सेल इंचार्ज डीएसपी रुपिंदर कौर सोही ने बताया कि आकाश और आसिफ खान को खरड़ से पकड़ा है। ये दोनों खरड़ में लॉकडाउन से पहले आए थे। दोनों ने प्राइवेट बैंकों में नए अकाउंट खुलवाए थे। इन्हीं में ठगी के पैसे आने थे। लेकिन पहले ही साइबर सेल को मोहाली की एक कंपनी ने शिकायत दे दी कि कुछ लोग फेसबुक पर जाली पेज बनाकर लोगों को ठग रहे हैं।  

इंग्लिश के लिए आसिफ और हिंदी के लिए आकाश

साइबर सेल ने बताया कि आरोपियों ने भारत पेट्रोलियम के नाम से साइट बनाई थी। पेट्रोल पंप का लाइसेंस देने का विज्ञापन देते। इसे देखकर लोग साइट पर अपनी डिटेल भरते थे। दिए गए कॉन्टैक्ट नंबर पर कॉल करते थे। यदि कस्टमर इंग्लिश में बात करता था तो उसे आसिफ (एमबीए मार्केटिंग) डील करता था। यदि कोई कस्टमर हिंदी में बात करता तो खुद मास्टरमाइंड आकाश बात करता था। 

काम बांटा हुआ था

डीएसपी सोही ने बताया कि 5 ठगों का अपना-अपना रोल था। आकाश और ब्रह्म प्रकाश शुक्ला दोनों मास्टरमाइंड थे, जबकि एमबीए मार्केटिंग पास आसिफ ठगी के अकाउंट का काम संभालता था। महिंद्र वेबसाइट डिजाइनर था। आरोपियों ने हर कस्टमर के लिए वेबसाइट अलग कैटेगरी बना रखी थी। जानकारी की एवज में जनरल कैटेगरी से 15 हजार, ओबीसी कैटेगरी से 13 हजार और एससी कैटेगरी से 10000 फीस लेते थे। फीस अदा होने के बाद आरोपी कस्टमर से 90 हजार तक चार्ज कर लेते थे। लाइसेंस का इच्छुक होता था तो 5 लाख रुपए लिए जाते थे। 

10 राज्यों में की ठगी

  • पंजाब 

  • हरियाणा 
  • यूपी 
  • एमपी 
  • मणिपुर 
  • उड़ीसा 
  • कर्नाटक 
  • राजस्थान 
  • छत्तीसगढ़ 
  • असम 

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