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बलवंत मुल्तानी केस:एसआईटी ने पूछा-बलवंत सिंह मुल्तानी कहां हैं, सैनी बोले-मुझे क्या पता; रिकाॅर्ड में ताे वह फरार है

मोहालीएक महीने पहले
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  • एसआईटी ने बंद कमरे में सैनी से 6 घंटे में पूछे 242 सवाल, चार बार सैनी ने कमरे से बाहर आकर वकीलों से सवालों के जवाब देने के लिए ली सलाह

बलवंत सिंह मुल्तानी केस में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर सोमवार सुबह पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी मटौर पुलिस स्टेशन में जांच में शामिल होने के लिए पहुंचे। स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सैनी को नोटिस भेजकर सोमवार को मटौर थाने में 11 बजे आने को कहा था। सैनी सुबह 10 बजकर 52 मिनट पर अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ सरकारी इनोवा गाड़ी में एस्कॉर्ट तथा पायलट जिप्सियों की सुरक्षा में थाने पहुंचे। एसआईटी ने करीब 6 घंटे तक सैनी से पूछताछ की।

सूत्रों की मानें तो एसआईटी ने सैनी से बंद कमरे में करीब 242 सवालों के जवाब मांगे। सैनी के साथ उनके वकील भी आए थे, जिन्हें कमरे से बाहर ही रखा गया था। मटौर पुलिस स्टेशन में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। थाने आसपास करीब 16 एएसआई स्तर के कर्मचारी तैनात किए गए थे। सैनी को किसी भी प्रकार का कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया। गाड़ियों को थाने के बाहर ही रोक दिया गया था। सैनी पैदल चलकर थाने के अंदर गए।

एक सुरक्षा कर्मी ही उनके साथ थाने के अंदर जाने दिया गया। जिस कमरे में सैनी से पूछताछ की जा रही थी, वह उस कमरे के बाहर ही खड़ा रहा। एसआईटी के चेयरमैन हरमनदीप सिंह हंस एसपी डी, शविंदर सिंह टिवाना डीएसपी राजपुरा-2, डीएसपी डी विक्रम बराड़, एसएचओ थाना मटौर राजीव कुमार की टीम ने सैनी के लिए 242 सवालों की लिस्ट तैयार की थी। बंद कमरे में एसआईटी ने जो भी सवाल-जवाब किए, उस सारी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई।

सैनी बोले-29 साल पुराना मामला है, कुछ चीजें याद नहीं...जांच के लिए जो 242 सवाल बनाए गए थे, उनका सरोकार सरकारी गवाह बने अधिकारियों से था, जिनके सामने मुलतानी को टॉर्चर के दौरान मारे जाने का दावा किया गया था। सैनी से पूछा गया कि मुल्तानी की मौत कैसे हुई? क्या डंडे से टॉर्चर किया गया था। लाश कहां गई है? एसआईटी ने सैनी से कहा कि उस दौरान उनके साथ जो चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी टॉर्चर कर रहे थे, उन्होंने अपना गुनाह कबूल लिया है और वे गवाह बन गए हैं। उन्होंने मुल्तानी की मौत टॉर्चर में होने की बात भी कबूली है। इसपर भी सैनी से जवाब मांगा गया। सूत्रों की माने तो सैनी ने एसआईटी के ह र सवाल का जवाब दिया है। कई सवालों में उन्होंने इस केस के 29 साल पुराने होने का हवाला देकर कुछ याद न होने की बात भी कही है।

पूछा- क्या मुल्तानी मर गया है...
एसआइटी: बलवंत सिंह मुल्तानी कहां हैं?
सैनी: मुझे क्या पता? रिकाॅर्ड में ताे फरार है।
एसआईटी: दाे इंस्पेक्टर्स ने सरकारी गवाह बनकर आपके खिलाफ बयान दिया है कि आपने मुल्तानी काे टाॅर्चर करवाया?
सैनी: इन इंस्पेक्टर्स ने ही आज तक कहा था कि उनकी कस्टडी से बलवंत फरार हाे गया था।
एसआईटी: जब मुल्तानी को सेक्टर-17 थाने में लाया गया और टॉर्चर किया गया तो आप थाने में थे।
सैनी: एक तो बलवंत को मेरी जानकारी के मुताबिक कभी टॉर्चर ही नहीं किया गया। दूसरा मैं उस समय एसएसपी था और केस की जिम्मेदारी आईओ, एसएचओ की होती है। भला मैं थाने में क्यों मौजूद होऊंगा।
एसआईटी: बलवंत मुल्तानी को क्या मार दिया गया है?
सैनी: हमारे रिकाॅर्ड के मुताबिक वह फरार है।

हाथ हिलाते हुए थाने में चले गए
सैनी जांच जॉइन करने के लिए अपने करीब पांच वकीलों के साथ आए थे। सैनी ने भी काले रंग की पेंट, काला कोट और सफेद कमीज पहनी हुई थी। उन्होंने अपने चेहरे को सफेद रंग के रूमाल से कवर किया हुआ था। वे सुबह अपनी गाड़ी से उतरकर मीडिया कर्मियों की तरफ हाथ हिलाते हुए थाने के अंदर चले गए।

शाम 4:55 पर बाहर आए...

करीब 6 घंटे के बाद शाम 4 बजकर 55 मिनट पर सैनी कमरे से बाहर आए। वकील भी उनके साथ थे। थाने के बाहर खड़ी सैनी की सरकारी इनोवा गाड़ी को थाने के अंदर बुलाया गया। एस्कॉर्ट और पायलट जिप्सियां बाहर ही खड़ी थी। जैसी ही थाने का गेट खोलकर गाड़ी को अंदर भेजा गया तो कुछ ही सेकेंड में सैनी गाड़ी में बैठकर बाहर आए। गेट खुलते ही इनाेवा गाड़ी का चालक मीडिया से बचने के लिए गाड़ी को बिना सिक्योरिटी ही भगाकर ले गया। पायलट और जिप्सी इसके बाद वहां से निकली।

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