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एयरपोर्ट का विस्तार:साल के अंत तक 1 घंटे में उड़ेंगी 10 फ्लाइट्स, अक्टूबर तक डोमेस्टिक पैसेंजर बढ़ने के आसार; ज्यादा से ज्यादा फ्लाइट्स रात में पार्क हों, इसलिए एयरलाइंस को दे रहे हैं इंसेंटिव

चंडीगढ़5 महीने पहले
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अभी 19 डेस्टिनेशन के लिए फ्लाइट ऑपरेट कर रहे हैं। अगले डेढ़ से दो साल में 10 और डोमेस्टिक डेस्टिनेशन शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इनमें जोधपुर, शिरडी, गोवा, भुवनेश्वर के अलावा कुछ नॉर्थ ईस्ट के लिए नए डेस्टिनेशन आएंगे। - Dainik Bhaskar
अभी 19 डेस्टिनेशन के लिए फ्लाइट ऑपरेट कर रहे हैं। अगले डेढ़ से दो साल में 10 और डोमेस्टिक डेस्टिनेशन शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इनमें जोधपुर, शिरडी, गोवा, भुवनेश्वर के अलावा कुछ नॉर्थ ईस्ट के लिए नए डेस्टिनेशन आएंगे।

कोरोना की वजह से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट रुक गए, लेकिन इस बुरे दौर में भी चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट तेजी से ग्रो कर रहा है। कोरोना काल में भी यहां प्रोजेक्ट्स पर काम चलता रहा। इसी का नतीजा है कि अगले साल तक यहां से 150 कमर्शियल और 50 कार्गो को मिलाकर रोजाना 200 फ्लाइट्स ऑपरेट होना शुरू हो जाएंगी।

चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के CEO अजय कुमार ने कहा कि हमारा टारगेट रोजाना 200 फ्लाइट ऑपरेट करने का है। इसी पर काम भी चल रहा है। अक्टूबर के अंत तक कोविड रिस्ट्रिक्शन्स कम हो जाएंगे, उसके बाद एयर ट्रैफिक वापस आ जाएगा।

एयरपोर्ट के CEO अजय कुमार ने बताए फ्यूचर के प्लान...

  • US, कैनेडा, UK के लिए फ्लाइट शुरू करेंगे

हमारी कोशिश है कि अगले साल तक चंडीगढ़ से US, कैनेडा और UK के लिए सीधी फ्लाइट शुरू कर दी जाए। हमारी कुछ एयरलाइंस के साथ बात भी चल रही है। लेकिन कोविड-19 के चलते यह काम थोड़ा रुक गया है। हालात ठीक होंगे तो इस पर फिर से काम शुरू करेंगे।

  • डेढ़ साल में 10 नए डेस्टिनेशन और शामिल होंगे

अभी 19 डेस्टिनेशन के लिए फ्लाइट ऑपरेट कर रहे हैं। अगले डेढ़ से दो साल में 10 और डोमेस्टिक डेस्टिनेशन शुरू करने की योजना बना रहे हैं। इनमें जोधपुर, शिरडी, गोवा, भुवनेश्वर के अलावा कुछ नॉर्थ ईस्ट के लिए नए डेस्टिनेशन आएंगे।

  • 10% प्रति वर्ष ग्रोथ के साथ आगे बढ़ेगा एयरपोर्ट

2021-22 में ओवरऑल 15% की ग्रोथ देख रहे हैं। अगले 20 साल में हम 10% की ग्रोथ देख रहे हैं।

  • 9 से 23 पार्किंग बनने से नाइट पार्किंग को आगे आ रही हैं एयरलाइंस

एयरपोर्ट पर 9 पार्किंग बे थे, जिन्हें बढ़ाकर 23 कर दिया गया है। इसका फायदा यह हुआ है कि अब रात को एयरलाइंस यहां अपने एयरक्राफ्ट पार्क कर रही हैं और सुबह 5 बजे से 10 बजे के बीच लगभग 10 फ्लाइट यहां से ऑपरेट हो रही हैं। ज्यादा से ज्यादा फ्लाइट रात में पार्क हों, इसके लिए एयरलाइंस को इंसेंटिव भी दे रहे हैं।

  • चंडीगढ़ से कनेक्टिविटी के लिए प्रशासन से चल रही है बात

एयरपोर्ट को चंडीगढ़ से टनल के जरिए जोड़ने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के साथ बात चल रही है। टनल के जरिए इसे जोड़ दिया जाए तो चंडीगढ़ के लोगों को एयरपोर्ट आने में सुविधा होगी। नाॅर्दर्न सेक्टर्स में रहने वाले लोगों और अंबाला की तरफ से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पहुंचने में सुविधा होगी। करीब-करीब 10 किलोमीटर सफर कम हो जाएगा। रीजनल कनेक्टिवटी स्कीम के तहत अभी शिमला और हिसार दो डेस्टिनेशन के बीच फ्लाइट्स ऑपरेट हो रही हैं। हिमाचल की ओर से 5 से 6 हेलीपैड बनाए जा रहे हैं।

चार एकड़ में कार्गो कैंपस बन रहा है

कार्गो कैंपस का 70 फीसदी काम हो चुका है। 4 एकड़ में कार्गो कैंपस बन रहा है। एयरपोर्ट से कोविड के दौरान कार्गो फ्लाइट्स भारी संख्या में ऑपरेट हुईं। इस वजह से रेवेन्यू जेनरेशन में एयरपोर्ट पिछले दो साल की तुलना में आगे रहा है। यहां के एयरपोर्ट की एक अच्छी बात यह है कि एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल की ओर से कराए जाने वाले सर्वे में चंडीगढ़ को लगातार तीन साल से बेस्ट एयरपोर्ट का अवॉर्ड मिला हुआ है।

पैरलल टैक्सी बे इस साल के अंत तक तैयार

पैरलल टैक्सी बे का सिविल वर्क 99 फीसदी पूरा हो चुका है। कुछ इलेक्ट्रिकल काम चल रहे हैं। यह इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगा। इस साल के अंत तक जीरकपुर की साइड पैरलल टैक्सी बे शुरू हो जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि रनवे पर जहां अब एक घंटे में 5 फ्लाइट ऑपरेट होती हैं तो उसकी जगह 10 हो सकेंगी। एयरपोर्ट के जगतपुरा एंड पर पैरलल टैक्सी ट्रैक पहले से बना हुआ है।

एक्सपर्ट की राय -चंडीगढ़ में एविएशन का फ्यूचर है ब्राइट

ट्राईसिटी में रहने वाले लोगों का UK, US और कैनेडा से अच्छा कनेक्शन है। अगले 10 से 15 साल में यहां अच्छी ग्रोथ नजर आ रही है। अभी इंटरनेशनल फ्लाइट दुबई तक सीमित हैं, लेकिन यहां से इंटरनेशनल फ्लाइट्स का फुटफाॅल बढ़ेगा। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम एक अच्छा प्रयास है। कोविड के बाद RCS कनेक्शन बढ़ेंगे। लोग छोटी-छोटी जगहों पर जाने के लिए इस सुविधा का लाभ उठाएंगे। जहां तक हिमाचल का सवाल है तो पहाड़ी इलाका होने की वजह से बड़े जहाज ऑपरेट करने में दिक्कत आती है। शिमला में भी रनवे छोटा होने और रनवे पट्‌टी के सामने पहाड़ियां होने की वजह से बड़े जहाज ऑपरेट नहीं हो पाते। मंडी एयरपोर्ट को टूरिज्म के लिहाज से डेवलप किया जा रहा है, जहां अच्छा पोंटेंशियल है।

वीपी अग्रवाल, रिटायर्ड चेयरमैन, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया

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