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  • 105 year old Man Kaur Had Worked In The House Of Captain Amarinder Singh's Grandfather, During That Time She Used To Raise The Captain In Her Lap, Today She Also Forgot

परिवार सदस्यों ने बताया:105 साल की मान कौर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के दादा के घर नौकरी की थी,उसी दौरान कैप्टन को गोद में उठाती थी, आज उन्होंने भी भुलाया

चंडीगढ़3 महीने पहलेलेखक: लखवंत सिंह
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मान कौर के बेटे गुरेदव सिंह ने बताया उनकी माता पटियाला महल में काम करती थी और आज के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ खेलती थी। - Dainik Bhaskar
मान कौर के बेटे गुरेदव सिंह ने बताया उनकी माता पटियाला महल में काम करती थी और आज के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ खेलती थी।
  • मान कौर का इलाज करने वाले आचार्य मनीष ने कहा बिमारी के समय भी वे बुर्जुर्गों के होने वाले ऑलंपिक में जाने को लेकर उत्साहित थी

इंटरनेशनल एथलीट मान कौर ने अपने बल पर जो कुछ देश व विदेशों के खेल मैदानों में उत्साह दिखाया उस तरह का उत्साह आज उन लोगों ने नहीं दिखाया जिनके करीब किसी जमाने में मान कौर रहती थी। मान कौर के बेटे गुरदेव सिंह ने बताया कि उनकी मां का जन्म पटियाला में हुआ था और वे आजादी से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह के दादा राजा भूपिंदर सिंह के दरबार की रसोई में काम करती रही है। उन्होंने बताया कि इसी दौरान वे उस समय के राजकुमार कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपनी गोद में उठा कर घुमाती रहती थी। उस समय पटियाला शाही राजघराने के अपने ही ठाठ -बाट थे। महाराजा भूपेंदर सिंह की सैकड़ों रानियां थी और महल में हर समय उत्सव का माहौल बना रहता था। गुरदेव सिंह ने बताया कि जब महारानी व रानी साहिबा के लिए खाना लेकर मान कौर जाती थी तो इस दौरान वे अमरिंदर सिंह के साथ भी खेलती थी।

मान कौर का इलाज करने वाले आचार्य मनीष और बॉबी सिंह ने बताया वे हर समय खुश रहती थी
मान कौर का इलाज करने वाले आचार्य मनीष और बॉबी सिंह ने बताया वे हर समय खुश रहती थी

गुरदेव सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर पटियाला के डीसी से 5 लाख रुपए का चैक माता की देखरेख के लिए मिला था। उन्होंने कहा कि आज अंतिम संस्कार के समय सरकारी तौर पर कार्यक्रम किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि माता मान कौर की याद में पंजाब में कोई ऐसी यादगार बनाई जाए जिससे युवाओं को प्रेरणा मिलती रहे।

बाबा गाजीदास जी क्लब रोपड़ के प्रेसीडेंट दविंदर सिंह बाजवा ने बताया कि मान कौर को वे काफी समय से जानते थे। उनसे जब मुलाकात होती थी तो वे पुरानी याद को ताजा करती हुई बताया करती थी कि वे राजा भूपिंदर सिंह के महल में काम करती थी और इस दौरान वे राजकुमार अमरिंदर सिंह को अपनी गोद में उठाया करती थी।

मान कौर का इलाज करने वाले आचार्य बोले- हर समय खुश दिखी

डेराबस्सी के शुद्धि पंचकर्मा अस्पताल के आचार्य मनीष और बॉबी सिंह बताते है कि 7 जुलाई को मान कौर को बेहोशी की हालत में अस्पताल में लाया गया था और उन्हें पेट में काफी दर्द था। उन्होंने बताया कि मान कौर को 22 दिन यहां रखा गया जिस दौरान उनका इलाज आयुर्वेद तरीके से किया गया। उन्होंने कहा कि जब मान कौर की दर्द ठीक हो गई थी तो उसके बाद वे टोक्यो ऑलंपिक में गए खिलाड़ियों के लिए शुभकामनाऐं देती रहती थी।

बॉबी सिंह ने बताया कि अगले साल बुजुर्गों के लिए होने वाले ऑलंपिक में जाने के लिए काफी उत्सुक थी। उन्होंने कहा कि अब मान कौर तो जीवित नहीं है लेकिन उनके बेटे गुरदेव सिंह अगले साल बुर्जुर्गों के लिए होने वाले ऑलंपिक में जाना चाहते है तो उनकी संस्था शुद्धि आयुर्वेद जीना सीखो की ओर से उन्हें भेजा जाएगा और सारा खर्च वहन किया जाएगा।

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