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मां की जान बचाने के लिए:14 साल की बच्ची ने अपनी जान डाली जोखिम में; लिकर फैक्टरी में पकड़े 16 बच्चों में ऐसी बच्ची जो कैंसर पीड़ित मां के इलाज के लिए कर रही थी काम

चंडीगढ़3 महीने पहले
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10 दिन पहले शराब फैक्टरी से रेस्क्यू किए गए 16 नाबालिग (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
10 दिन पहले शराब फैक्टरी से रेस्क्यू किए गए 16 नाबालिग (फाइल फोटो)

कोविड-19 का ऐसा दौर आया जिसमें कई बच्चे अनाथ हो गए और कइयों ने अपनों को खो दिया। आलम यह है कि गरीबी की मार झेल रहे कुछ ऐसे परिवार भी हैं जिनको 2 वक्त की रोटी का जुगाड़ करने के लिए लोगाें के घरों में जाकर जूठे बर्तन साफ करने पड़ रहे हैं।

इसी सब के बीच एक मां और बेटी के एक ऐसे परिवार का पता चला जो एक दूसरे के ऊपर निर्भर हैं, लेकिन अब 14 साल की बच्ची अपना ध्यान रखने के साथ-साथ अपनी मां का ध्यान भी रख रही थी क्योंकि इस बच्ची की 40 साल की मां को कैंसर है।

10 दिन पहले इस बच्ची के साथ 15 और बच्चे चंडीगढ़ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी व पुलिस ने पकड़ लिए। इन सभी बच्चाें की काउंसिलिंग की गई और अधिकतर को शेल्टर होम भेज दिया गया। अब इस बच्ची को घर वापस लाने के लिए इसकी कैंसर पीड़ित मां ने कमेटी को लिखकर दिया है कि उनकी बेटी को घर भेजा जाए।

2017 में बीमारी के कारण पति की मौत के बाद मां-बेटी रह गईं अकेली

इस बच्ची ने यूनिट सदस्याें को जो बताया वह सब के लिए चौंकाने वाली बात थी। बच्ची ने बताया कि घर में वह और उसकी बीमार मां हैं, जिनको सेकंड स्टेज का कैंसर है और उनके इलाज के लिए वह मजबूरी में लिकर फैक्टरी में जॉब करने लग गई। यहां से करीब 6 हजार रुपए मिल जाते थे। जिससे घर का खर्च व मां का इलाज करवाती थी। मां की PGI में कीमोथैरेपी होने जा रही है।

इसलिए फैक्टरी में काम करने के साथ ड्यूटी खत्म कर कुछ कोठियों में भी काम करती थी। पिता की साल 2017 में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। उसके बाद वह और उसकी मां घर में अकेले रह गए। उस समय वह 5वीं क्लास में पढ़ रही थी, लेकिन जब मां को कैंसर की बीमारी का पता चला तो उसे अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। उसकी बड़ी बहन भी है जिसकी पहले ही शादी हो चुकी है। मां बीमार हुई तो उसने स्कूल छोड़ दिया और काम शुरू कर दिया।

मां ने बेटी को घर भेजने की लगाई गुहार

इस ग्रुप में करीब 6 लड़कियां थी जिनकी काउंसिलिंग की गई और उनको सरकारी शेल्टर होम में रखा गया है। प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर डॉ. संगीता ने बताया कि इस स्पेशल केस को कमेटी सदस्यों के समक्ष रखा गया और अब बच्ची की मां ने नाबालिग को वापस घर भेजने के लिए लेटर दिया है क्योंकि वह कैंसर पेशेंट है और घर में उनके पास बेटी का होना बहुत जरूरी है। उनकी कोशिश है कि कमेटी व उनकी यूनिट इस परिवार की देखरेख करे और कोशिश की जाएगी ताकि नाबालिग को दोबारा से स्कूल में एडमिशन दिलवाई जाए। कई अन्य बच्चे भी हैं जिनके एडमिशन का प्रोसेस शुरू किया जा रहा है।

10 दिन पहले लिकर फैक्ट्री में काम करते पकड़े गए थे 16 नाबालिग

सोशल चाइल्ड वेलफेयर यूनिट की प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर डाॅ. संगीता ने बताया कि करीब 10 दिन पहले यूनिट को सूचना मिली थी कि इंडस्ट्री एरिया स्थित एक शराब की फैक्टरी में कुछ बच्चों से काम लिया जा रहा है। इनमें करीब 15 से 20 ऐसे बच्चे हैं जिनकी उम्र 13 साल से लेकर 17 साल के बीच है। इस सूचना को पुख्ता करने के बाद इंडस्ट्री एरिया पुलिस को साथ लेकर इस फैक्टरी में रेड की गई। जहां पर करीब 16 नाबालिग बच्चे काम करते पाए गए।

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