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ओपीडी में सबसे बड़ा मर्ज:24 लाख मरीज कम देखे गए चंडीगढ़ के तीन अस्पतालों में, रोजाना 12 हजार मरीजों से 3000 पर पहुंचा पीजीआई

चंडीगढ़7 महीने पहले
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पीजीआई - Dainik Bhaskar
पीजीआई
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाकर डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेना

कोविड के दौर में सिर्फ वही परेशान नहीं हुए जिन्हें कोरोना हुआ। परेशानी का सामना उन्हें भी करना पड़ा जो अन्य बीमारियों से जूझ रहे थे। आम दिनों में लोगों को पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 की ओपीडी में जिस तरह से इलाज मिलता था, उसमें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 2019 में इन तीनों अस्पतालों की ओपीडी में 37.47 लाख मरीजों को देखा गया। कोरोना काल में 2020 में यह आंकड़ा 12.81 लाख में सिमट गया। यानी 24.66 लाख मरीज कम देखे गए।

दरअसल ओपीडी में सीमित संख्या में ही मरीज देखे जा रहे हैं, ताकि कोरोना संक्रमण कम से कम फैले। मरीजों को सबसे ज्यादा दिककत टेली-कंसल्टेंसी में आ रही है। हालांकि पीजीआई ने ऑफिशियल वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सुविधा शुरू की है। वहां 30 दिन के भीतर की तारीख ले सकते हैं। लेकिन इस पर रजिस्ट्रेशन करवाना आसान नहीं है।

इसके लिए मरीजों को पहले टोल फ्री नंबर पर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ता है। दूसरी तरफ दूर-दराज से आए मरीजों को ओपीडी के बाहर बैठे सिक्योरिटी गार्ड लौटा देते हैं, क्योंकि जानकारी के अभाव में उनके पास ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं होता।

रोजाना 12 हजार की ओपीडी होती थी, जो अब मात्र 3 हजार रह गई है। जीएमसीएच-32 में भी मरीज परेशान हो रहे हैं। सीमित संख्या में मरीजों को देखा जा रहा है। जीएमएसएच-16 में मरीज पहले कोविड टेस्ट करवाता है उसके बाद ही उसे इलाज मिलता है।

केस1 पीजीआई में किडनी पेशेंट
अपाॅइंटमेंट मिलने में ही लग गए चार दिन....
पटना के पवन को किडनी की बीमारी है। पटना से रेफर होकर 5 दिन पहले पीजीआई पहुंचे। इमरजेंसी से लौटा दिया गया। कहा पहले टेली कंसल्टेशन से रजिस्ट्रेशन करवाएं। पवन चार दिनों से सुबह 8 से 9.30 बजे तक पीजीआई के नंबरों पर कॉल कर रहे हैं, फोन नहीं लग रहा। बीते वीरवार को नंबर लगा तो कहा गया डॉक्टर आपको फोन करेंगे।

केस 2 जीएमसीएच में गायनी पेशेंट
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट है तो लाइन में लगो...
बठिंडा के सुखविंदर ने बताया- पत्नी को गायनी की गंभीर बीमारी है। बठिंडा से चार दिन पहले तड़के 6 बजे पहुंचा। ठंड बहुत थी। 8.30 बजे तक कार्ड बनवाने की लाइन में लगा। फिर कहा गया कि जिसके पास ऑनलाइन अपॉइंटमेंट है, वही लाइन में लगे। पोर्टल पर अपॉइंटमेंट कराना चाहा तो गायनी वाला कॉलम ही नहीं खुल रहा है।

केस 3 पीजीआई में एक पेशेंट
तीन दिन तक लैंडलाइन फोन बिजी रहा
चोट लगने से सेक्टर-24 के रवि का अंगूठा सुन्न रहता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए रवि तीन दिन तक पीजीआई के लैंडलाइन नंबर पर कॉल करता रहा, पर ‌फोन बिजी रहा। ऑनलाइन पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करवाने के दो दिन बाद कॉल आया। अब रवि को दो हफ्ते बाद पीजीआई आने के लिए अपॉइंटमेंट दी गई है।

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