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कोरोना का कहर:पीजीआई में कोरोना से 5 मौत, चंडीगढ़ के 3, इन्हें बीपी, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियां थीं

चंडीगढ़10 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • ट्राईसिटी में एक ही दिन में 35 केस आए, मोहाली में 21, चंडीगढ़ में 12 और पंचकूला में 2 मरीज मिले

मंगलवार को कोविड-19 से पीजीआई में 5 मरीजों की मौत हो गई। इनमें 3 चंडीगढ़ के थे। वहीं, चंडीगढ़ में 12 नए पॉजिटिव केस आए हैं। मोहाली में 21 मरीज मिले हैं, जबकि पंचकूला में दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।  कोरोना से हुई तीन मौतों के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट थोड़ी चिंता में है। हालांकि ये मरीज कोरोना के अलावा भी कई बीमारियों से ग्रस्त थे।

इसलिए कोरोना से सिर्फ उन्हीं लोगों को ज्यादा संभलकर रहना है, जिन्हें पहले से डायबिटीज, हाईपरटेंशन, कार्डियोवेस्कुलर डिजीज, कैंसर, अस्थमा और सांस जुड़ी बीमारियां हैं। पीजीआई के डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसिन पीजीआई चंडीगढ़ प्रो. सोनू गोयल बताते हैं कि 70 फीसदी मौतें उनकी हो रही हैं, जिन्हें पहले से कोई बीमारी या नॉन कम्युनिकेबल डिजीज है। पीजीआई में मंगलवार को हुई 5 मौतों से भी यही बात पता चलती है। 

1.केस  1100 शुगर हुई, बाद में महिला निकली कोरोना पॉजिटिव
नीरू सलूजा, 52 साल| निवासी- चंडीगढ़

टाइप-2 डायबिटीज, कोविड निमोनिया, इन्फेक्शन की वजह से किडनी में सूजन पर 11 जुलाई को दाखिल किया गया था। महिला वेंटिलेटर पर थीं और कोविड निमोनिया की वजह से इन्हें बचाया नहीं जा सका। नीरू सलूजा के बेटे ने बताया कि मां खाना नहीं खा रही थीं। उन्हें लिक्विड दलिया, ग्लूकोस आदि दे रहे थे। तबीयत बिगड़ने लगी। शुगर चेक कराई। पहले उन्हें फोर्टिस लेकर गए, लेकिन उन्होंने पैसे ज्यादा मांगे। इस पर उन्हें सोहाना के हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया। 30 जून को एडमिट किए। वहां पर शुगर और बीपी चेक किया। बीपी ज्यादा होने की वजह से बीपी लो करने की दवा दी तो बीपी ज्यादा कम हो गया। टेस्ट चल रहे थे, कैंसर का टेस्ट भी किया। चेस्ट के एक्सरे भी किए। एक्सरे देखकर बताया कि उनके चेस्ट में फंगल इंफेक्शन हो गया है।

2.केस डायबिटीज और हाईपरटेंशन की शिकायत थी
एसएस सैनी, 65 साल| निवासी- सेक्टर-6

5 जुलाई को पीजीआई में भर्ती हुए। उन्हें कोविड निमोनिया के साथ ही टाइप-2 डायबिटीज, हाईपरटेंशन की शिकायत थी। एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (सांस लेने में गंभीर समस्या) की वजह से 9 दिनों तक वेंटिलेटर पर थे। 14 जुलाई को मृत्यु हो गई।

3.केस शरीर में फैल चुका था कैंसर, अब हो गया कोरोना वायरस

कैलाश यादव, 50 साल| निवासी- धनास

मेटास्टेटिक कार्सिनोमा (जिसमें कैंसर शरीर में फैल जाता है) था, आईसीयू में वेंटिलेटर पर थे। इनका कोविड टेस्ट करवाया गया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कोरोना की वजह से रेस्पिरेटरी फेल्योर हुआ और इनकी मृत्यु हो गई। 

एक्सपर्ट राय

डायबिटीज के मरीजों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है

1100 शुगर लेवल तो ग्लूकोमीटर से मापा नहीं जा सकता। यह तो लैब टेस्ट से ही पता चलता है। शुगर लेवल बढ़ने की वजह से कोविड होने की आशंका बढ़ जाती है, क्योंकि डायबिटीज के मरीजों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। जहां तक 1100 शुगर लेवल की बात है तो 1000 मरीजों में से एक को ही इतना ज्यादा शुगर होता है। टाइप-1 डायबिटीज पीड़ित बच्चों का लेवल 500 से 600 तक हो जाता है। बड़ों में 250 से 350 हो जाती है। जहां तक इस केस का सवाल है तो मरीज को 8 से 10 साल पुरानी डायबिटीज होगी और साथ में और भी इंफेक्शन रहे होंगे। लंबे समय तक डायबिटीज होने से हाईपर ऑस्मोलर कोमा नामक डिजीज हो जाती है, जिसमें शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसमें कई बार बेहोशी के हालात बन जाते हैं। बार-बार पेशाब जाने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। होंठ सूखने लगते हैं। - अनिल भंसाली, एचओडी इंडाक्रायोनोलॉजी डिपार्टमेंट पीजीआई

बीपी से बॉडी में कॉम्पलीकेशन बढ़ जाती हैं

इस केस में टाइप-2 डायबिटीज के साथ-साथ हाई बीपी की शिकायत थी। कोरोना में ब्लड प्रेशर की वजह से बॉडी में कॉम्पलीकेशन बढ़ जाती हैं। कोरोना की वजह से हमारी बॉडी में इंफ्लोमेंट्री मॉलीक्यूल रिलीज होना शुरू हो जाते हैं। इन्हें हम साइटोकाइन स्टॉर्म कहते हैं। यह शरीर के कई अंगों पर असर डालते हैं। कोरोना होने पर यह अंग काम करना बंद कर देते हैं। - डॉ. संदीप छतवाल, एमडीपीजीआई

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