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24 घंटे वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट:591 करोड़ होंगे खर्च, मार्च 2022 में टेंडर होगा अलॉट, लोन की 20 साल तक किस्तें चुकाएगा नगर निगम

चंडीगढ़6 महीने पहले
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  • 39 करोड़ रुपए ब्याज देना होगा

शहर में 24 घंटे पानी सप्लाई के प्रोजेक्ट का मार्च 2022 में टेंडर अलॉट हो जाएगा। प्रोजेक्ट पर 591 करोड़ खर्च आएगा। इसमें से 412 करोड़ फ्रांस की एजेंसी से लोन, 98 करोड़ यूरोपियन यूनियन से ग्रांट इन एड और 80 करोड़ टैक्स पर खर्च होगा। स्मार्ट सिटी लिमिटेड से एमसी को 60 करोड़ मिलेगा। फ्रांस की एजेंसी से मिलने वाले पैसे पांच साल बाद लोन की किस्त के तौर पर 20 साल तक लौटाने होंगे।

इस पर ब्याज 20 साल में 39 करोड़ बनता है। प्रोजेक्ट के लगने से महिलाओं को नौकरी मिलेंगी और आर्थिक तौर पर गरीबों के बच्चों को पढ़ाई में मदद प्रोजेक्ट के माध्यम से मिलेगी। इसे हाउस ने अप्रूव कर दिया। निगम के चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह ने प्रोजेक्ट के बारे में डिटेल जानकारी दी। स्मार्ट सिटी के चीफ जनरल मैनेजर एनपी शर्मा ने हाउस को बताया कि पहले प्रोजेक्ट का एरिया कम था, बाद में इसे बढ़ाया गया।

कजौली वाॅटर वर्क्स के चारों फेज की पंपिंग मशीनरी चेंज होगी। पिछले साल अक्टूबर में आई फ्रांस की एजेंसी की टीम को कजौली की मशीनरी दिखाई गई। कजौली से सेक्टर-39 वाॅटर वर्क्स तक चारों लाइन की दो किलोमीटर की बीच बीच में पाइप भी चेंज होगी।

गांव और रिहैबिलिटेशन कॉलोनी को भी इसमें शामिल किया गया। वहां के स्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा। इसकी वजह से प्रोजेक्ट की कॉस्ट बढ़ी है। लेकिन अच्छी बाद है कि 20 साल के लोन में ब्याज के 39 करोड़ बनते हैं। भाजपा काउंसलर अरुण सूद ने कहा कि 24 घंटे पानी सप्लाई अपने आप में सेविंग होती है। पानी की लाइन भरी रहने से गंदा पानी मिलने के चांस नहीं रहते हैं। पानी प्रेशर से मिलता है। इससे महिलाओं को जॉब मिलेगी।

क्या गारंटी है 24 घंटे पानी मिलने के बाद रेट नहीं बढ़ेंगे

कांग्रेसी काउंसलर सतीश कैंथ ने कहा कि चांदी- सोने के गिलास में पानी पिलाया जा रहा है। पांच- छह फेज की लाइन चालू हुई थी तब कहा गया था कि अच्छा और प्रेशर से पानी मिलेगा। अमृत स्कीम का पैसा भी उस लाइन में लगाया गया था। लेकिन नतीजे कुछ नहीं आते हैं।

अभी तक रामदरबार कॉलोनी, सहित अन्य रिहैबिलिटेशन कॉलोनियों में नहरी पानी सप्लाई नहीं हो रहा। वहां अभी भी बगैर मोटर के दूसरी मंजिल पर पानी नहीं पहुंचता है। कैंथ ने कहा कि निगम लोन पर चलाने की बात हो रही है। क्या गारंटी है कि 24 घंटे पानी के बाद शहर पर पानी के रेट का बोझ नहीं पड़ेगा। निगम कमिश्नर केके यादव ने कहा कि 24 घंटे शहर में पानी नहीं चाहते हैं। हाउस में 2019 में प्रस्ताव आया था तब उसे पास क्यों किया गया। उस समय ऑब्जेक्शन किया होता।

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