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बेसहारा बच्चों को प्रशासन की मदद:कोविड 19 में अपना एक अभिभावक खोने वाले 92 बच्चों को 'परवरिश स्कीम' के तहत जारी होनी है राशि, ऐसे बच्चों की मदद को संस्थाएं भी आईं आगे

चंडीगढ़3 महीने पहले
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(सिंबोलिक फोटो।) - Dainik Bhaskar
(सिंबोलिक फोटो।)

कोविड 19 से प्रभावित बच्चों की देखभाल और सुरक्षा के लिए शुरू की गई परवरिश स्कीम के अंतर्गत मार्च 2020 से जुलाई 2021 के बीच अपने एक अभिभावक को खो चुके 92 बच्चों को अभी वित्तीय सहायता मिलनी है। MHA के निर्देशों पर इस महीने की शुरुआत में इस स्कीम को इंट्रोड्यूस किया गया था। स्कीम के मुताबिक हर बच्चे को 5 हजार रुपए प्रति महीने की मदद मिलेगी। अभी चार भाई बहन के बैंक खातों में 3 महीने की 15-15 हजार की राशि रिलीज की जा चुकी है।

चंडीगढ़ में परवरिश स्कीम को सुपरवाइज कर रहे SDM हरजीत सिंह संधू के मुताबिक 4 बच्चों को तो फंड रिलीज किए जा चुके हैं। ये सभी बेहद गरीब परिवार से हैं। सरेंडर की गईं दो जुड़वा बहनों की हम केयर कर रहे हैं। उनके खातों में भी जल्द पैसा रिलीज कर दिया जाएगा। वहीं जहां तक 92 बच्चों की बात है, जिन्होंने अपना एक अभिभावक कोविड में खो दिया है, उनको ध्यान में रखा गया है। हमें UT वित्तीय विभाग से कुछ राशि मिली है। चूंकि परवरिश स्कीम अभी कुछ दिन पहले ही इंट्रोड्यूस हुई है, इसलिए हमें कुछ बिंदुओं पर क्लेरिटी मिलनी है।

डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम के एक अधिकारी के मुताबिक परवरिश स्कीम के इंट्रोड्यूस होने से पहले, 61 बच्चों को 2-2 हजार रुपए की मदद दी गई थी। फिलहल अथॉरिटीज से डाटा इकट्‌ठा किया जा रहा है।पूरी तरह से अनाथ या छोड़ दिए गए बच्चे हमारी प्राथमिकता रहेंगे। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक जिन बच्चों ने एक अभिभावक खोया है, उन्हें भी वित्तीय मदद दी जाएगी। जिन बच्चों ने अपना एक अभिभावक खोया है, उनकी मदद के लिए प्रशासन ने 5 लाख प्रति वर्ष वित्तीय सहायता फिक्स की है।

कोविड में माता-पिता को खो चुके बच्चों को सभा बनाएगी आत्मनिर्भर

वहीं हनुमंत धाम सेक्टर 40 को संचालित करने वाली संस्था महिला सुंदरकांड सभा ने भी कोरोना में माता-पिता को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का फैसला लिया है। सभा की प्रधान नीना तिवारी ने बताया कि कोरोना के कारण कई परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। इस संकट की घड़ी में हनुमंत धाम सेक्टर-40 में मुफ्त में कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोई भी बच्चा कोरोना पीड़ित प्रमाण पत्र व आधार कार्ड लेकर हनुमंत धाम की पहली मंजिल पर आकर संपर्क कर सकता है।

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