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राहत:चंडीगढ़ से भेजे पांच और बर्ड्स के सैंपल की रिपोर्ट आई नेगेटिव

चंडीगढ़3 दिन पहले
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बतौड़ के फार्म में मरी मुर्गियां - Dainik Bhaskar
बतौड़ के फार्म में मरी मुर्गियां
  • एक हफ्ते में 33 पक्षी मरे मिले, इनमें से कॉमन कूट, माेर, दो कौवों, कबूतर के सैंपल भेजे थे लैब

चंडीगढ़ में फिलहाल बर्ड फ्लू से राहत जारी है। पिछले हफ्ते भेजे पांच पक्षियों की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है। मंगलवार को नाॅर्दर्न रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लैबोरेट्री(आरडीडीएल) जालंधर की तरफ से रिपोर्ट चंडीगढ़ प्रशासन को भेजी गई है। इसमें एक काॅमन कूट, एक मोर, दो कौवे और एक कबूतर की रिपोर्ट नेगेटिव बताई गई है।

पिछले एक हफ्ते में करीब 33 पक्षी चंडीगढ़ में मरे हुए मिले हैं, उनके सैंपल लैब में भेजे गए हैं। सुखना रेगुलेट्री एंड में एक मोर और काॅमन कूट मरा हुआ पाया गया था, इसके अलावा बाकी पक्षी दूसरी जगहों से मिले हैं। हालांकि, मंगलवार को तीन और बर्ड की रिपोर्ट लैब ने भेजी है, जो नेगेटिव है लेकिन इनको लेकर पहले ही कम्युनिकेशन प्रशासन को भेज दिया गया था।

फाॅरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट अफसरों के मुताबिक पहले दो बैच की रिपोर्ट नेगेटिव आई है लेकिन फिर भी सर्विलांस हर रोज पूरे शहर में रखा जा रहा है। रिपोर्ट नेगेटिव आने से फिलहाल विभाग के साथ ही लोगों ने भी राहत की सांस ली है। पक्षी मरने मिलने से डर था कि कहीं इनकी मौत बर्ड फ्लू से तो नहीं हुई है।

}बतौड़ गांव के साथ लगते पोल्ट्री फार्म में मरी मिली मुर्गियां

बरवाला के गांव बतौड के साथ लगते पोल्ट्री फार्म पारले, सूरज, तारा, साथी, दीपक, ग्रेवाल, गुप्ता, संजीव, ऋषि, गौतम में भारी संख्या में मुर्गियों के मरने की बात सामने आई है। सरपंच लक्ष्मण सिंह ने बताया कि वे खुद इन पोल्ट्री फार्मों के अंदर और आसपास के एरिया में गए थे।

इनके बाहर पूरी तरह से बदबू फैली हुई है जबकि अंदर मुर्गियां मरी हुई हैं। प्रशासन की टीम को यहां पहुंच कर इसकी जांच करनी चाहिए। पोल्ट्री फार्म मालिकों का कहना है कि उन्होंने कोई दवाई नहीं डाली है। मुर्गियां अपने आप मर रही हैं।

मंगलवार शाम को पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के पदाधिकारियों और एक्सपर्ट की टीम ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से दिल्ली में मीटिंग की है। इस दौरान उन्होंने हेल्दी बर्ड्स को न मारने के लिए एप्लीकेशन दी। एसोसिएशन के दर्शन सिंगला ने बताया कि केंद्रीय पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह के साथ हुई मीटिंग में उनके सामने पूरे तथ्य रखे गए।

जू में अंडे-चिकन बंद, 40 किलो बढ़ी बीफ की खपत

डेराबस्सी| हरियाणा में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद छतबीड़ जू में अंडे चिकन की सप्लाई भी पूरी तरह बंद कर दी गई है। चिकन की जगह पर अब उन्हें बोनलेस बीफ दिया जा रहा है। बर्ड फ्लू से पहले तक जू में पक्षियों समेत मांसाहारी जानवरों के लिए भैंस का मीट यानी बीफ, अंडे, चिकन और मछली परोसी जाती रही है परंतु अंडा-चिकन की बोनलेस बीफ ने ले ली है।

जू में पहले करीब पांच दर्जन अंडे और 40 किलो चिकन की सप्लाई हो रही थी जबकि 130 किलो बीफ डेराबस्सी से मंगाया जाता था। अब 130 किलो की जगह 170 किलो बीफ मंगाया जा रहा है। मांसाहारी जानवरों एशियन शेर, लैपर्ड, टाइगर, जंगली बिल्लियों के उल्लू, गिद्ध आदि पक्षियों को अंडे और चिकन दिया जाता था।

जबकि शेर, लैपर्ड, टाइगर को जहां हार्ड मीट के रूप में बीफ के साथ एक चौथाई आहार सॉफ्ट मीट के रूप में चिकन का दिया जा रहा था। जंगली जानवरों के शावक ज्यादातर अंडे और चिकन पर निर्भर थे। जू में अलग-अलग 45 प्रजातियों के करीब 900 पक्षी हैं।

जू में अंडे और चिकन की सप्लाई बंद कर दी गई है। संक्रमण फैलाने में प्रवासी पक्षियों की बड़ी भूमिका होती है। इसी के चलते जू की झील में हर साल आने वाले पक्षियों और जू के साथ लगते घग्गर नदी के तटीय क्षेत्रों में प्रवासी पक्षियों की एन्वायरमेंटल सैंपलिंग की जा रही है।

ये पक्षी जिस वाॅटर बॉडी में विचरण करते हैं, उसके पानी के अलावा प्रवासी पक्षियों की बीठ की भी सैंपलिंग लगातार की जा रही है। अभी तक किसी प्रकार के संक्रमण की कोई रिपोर्ट नहीं है। सर्विलेंस और मॉनिटरिंग रेगुलर की जा रही है।
-एम सुधागर,जू के फील्ड डायरेक्टर

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