पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Chandigarh
  • Actor Gul Panag Said,no Member In The Committee Constituted By SC Is Going To Talk About The Interest Of Farmers, So Someone Should Related To Farm Should Be Included In The Committee.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

लंबी है लड़ाई कृषि कानूनों की:गुल पनाग बोलीं- SC की कमेटी में कोई भी मेंबर किसानों के इंटरेस्ट की बात करने वाला नहीं

चंडीगढ़(आरती एम अग्निहोत्री).4 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
गुल ने कहा- विरोध करने वाला जरूरी नहीं कि वो विद्रोही नहीं हो। लोकतंत्र में मतभेद जरूरी है। जितने भी लोग किसानी से जुड़े हैं, उनसे आधे से अधिक वर्दी से जुड़े हैं। किसानी से जुड़े लोग देश की आर्मी और अन्य सेनाओं से जुड़े हैं। उनके लिए आतंकवादी, खालिस्तानी जैसे शब्दों का इस्तेमाल बिलकुल भी सही नहीं है।  - Dainik Bhaskar
गुल ने कहा- विरोध करने वाला जरूरी नहीं कि वो विद्रोही नहीं हो। लोकतंत्र में मतभेद जरूरी है। जितने भी लोग किसानी से जुड़े हैं, उनसे आधे से अधिक वर्दी से जुड़े हैं। किसानी से जुड़े लोग देश की आर्मी और अन्य सेनाओं से जुड़े हैं। उनके लिए आतंकवादी, खालिस्तानी जैसे शब्दों का इस्तेमाल बिलकुल भी सही नहीं है। 
  • बुधवार को लोहड़ी के मौके पर सेक्टर 17 प्लाजा में एक प्रोटेस्ट हुआ
  • गीतों और नाटकों के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना की
  • तीनों कृषि कानूनों की कॉपियां भी लोहड़ी में स्वाहा की गईं

बुधवार को लोहड़ी के मौके पर सेक्टर 17 प्लाजा में एक प्रोटेस्ट हुआ, जिसमें न सिर्फ गीतों और नाटकों के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार को घेरा, बल्कि तीनों कृषि कानूनों की कॉपियां भी लोहड़ी में स्वाहा कर दीं। इस मौके पर एक्टर गुल पनाग के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों के लोग और बड़ी तादाद में युवा भी पहुंचे थे।

हाथों में पोस्टर लेकर खड़ी युवा लड़कियां।
हाथों में पोस्टर लेकर खड़ी युवा लड़कियां।

गुल पनाग ने वहां मौजूद लोगों से एकजुटता की अपील की और कहा कि भले ही हम में से कई डायरेक्ट तौर पर किसानी से न जुड़े हों। लेकिन हम खाते किसान द्वारा पैदा की फसल को ही हैं। इसलिए हमें इस बड़े मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि ये लड़ाई बहुत लंबी चलेगी, इसलिए सभी को एक साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

पोस्टर में लिखा है-सरकार के गोल लाठी फेरनी पड़ेगी।
पोस्टर में लिखा है-सरकार के गोल लाठी फेरनी पड़ेगी।

गुल पनाग बोलीं, ये सिर्फ इसी कानून की बात नहीं। आने वाले समय में बनने वाले सभी कानूनों की है क्योंकि हमारे संविधान में सुनवाई के लिए कोर्ट जाने का हक दिया गया है। लेकिन, जैसे इस कानून में हमसे वो हक छीना गया, हो सकता है भविष्य में भी ऐसा हो।

तीनों कृषि कानूनों की कॉपियां भी लोहड़ी में स्वाहा की गईं।
तीनों कृषि कानूनों की कॉपियां भी लोहड़ी में स्वाहा की गईं।

उन्होंने आगे कहा कि विरोध करने वाला जरूरी नहीं कि वो विद्रोही नहीं हो। लोकतंत्र में मतभेद जरूरी है। जितने भी लोग किसानी से जुड़े हैं, उनसे आधे से अधिक वर्दी से जुड़े हैं। किसानी से जुड़े लोग देश की आर्मी और अन्य सेनाओं से जुड़े हैं। उनके लिए आतंकवादी, खालिस्तानी जैसे शब्दों का इस्तेमाल बिलकुल भी सही नहीं है।

प्रोटेस्ट में पहुंचे लोग।
प्रोटेस्ट में पहुंचे लोग।

गुल ने ये भी कहा कि SC ने इस मामले में बात करने के लिए जो चार सदसीय कमेटी गठित की है, उसमें सभी वो हैं जो इन कृषि बिलों को सपोर्ट करते हैं। इसलिए किसानों को इस पर संशय है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा भी या नहीं। बोले, उस कमेटी में ऐसा कोई भी सदस्य नहीं है जो किसानों के इंटरेस्ट को लेकर बात करने वाले हों। वे बोले किसानों के इंटरेस्ट की बात करने वालों की रिप्रेजेंटेशन होनी चाहिए। वरना कमेटियां तो पहले भी बनी हैं लेकिन हल कोई नहीं निकला।

पंजाबी नाटक-बोले नी बंबीहा बोले प्रस्तुत करते थिएटर आर्टिस्ट।
पंजाबी नाटक-बोले नी बंबीहा बोले प्रस्तुत करते थिएटर आर्टिस्ट।

सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर रोक लगा दी है। लेकिन, किसान, किसानों से जुड़ी जत्थेबंदियां और आंदोलन की शुरुआत से किसानों को समर्थन देने वाले अभी भी इस बात पर अड़िग हैं कि सरकार तीनों कानूनों को रद्द कर दे। इसलिए, वे अपने आंदोलन को जारी रखे हुए हैं और अभी भी केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कई प्रकार की गतिविधियां में व्यस्तता रहेगी। साथ ही सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने में समर्थ रहेंगे। तथा लोग आपकी योग्यता के कायल हो जाएंगे। कोई रुकी हुई पेमेंट...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser