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मेयर चुनाव:कांग्रेसियों का आरोप, कुछ पार्षद मनाही के बाद भी अपने साथ ले गए मोबाइल

चंडीगढ़10 दिन पहले
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मोबाइल फोन अंदर ले जाने का विरोध जताते कांग्रेसी काउंसलर्स। - Dainik Bhaskar
मोबाइल फोन अंदर ले जाने का विरोध जताते कांग्रेसी काउंसलर्स।
  • कांग्रेस काउंसलर्स ने वोटिंग के दौरान ही कहा- बीजेपी पार्षदों के पास दो-दो मोबाइल हैं, इन्हें बाहर रखवाया जाए
  • मेयर चुनाव में लोकतांत्रिक व्यवस्था की उड़ाई धज्जियां: कांग्रेस

मेयर चुनाव में काउंसलर मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट अंदर लेकर न जा सकें, इसक कांग्रेस नेे काउंसलर्स की तलाशी और हर काउंसलर की एक्सरे स्कैनिंग की मांग की थी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की ओर से प्रशासक वीपी सिंह बदनोर को लेटर लिखा गया था। लेटर पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।

हर साल की तर्ज पर 7 जनवरी को निगम सेक्रेटरी की ओर से ऑर्डर निकाल दिए गए कि मेयर चुनाव के दौरान मोबाइल फोन, कैमरा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं ले जा सकेंगे, मगर एक्सरे स्कैनिंग नहीं की गई। कांग्रेस यहां पर मात खा गई। इसलिए मेयर कैंडिडेट को पांच वोट पड़ने से बायकॉट कर गई।

वोटिंग के दौरान कांग्रेस के काउंसलर्स ने कहा कि बीजेपी काउंसलर के पास दो -दो मोबाइल फोन हैं, इन्हें रखवाया जाए। कोई भी फोन लेकर न जाए। इस पर शक्ति प्रकाश देवशाली ने कहा कि 2011 में मेयर चुनाव में पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर पवन कुमार बंसल ने ही कहा था कि वे मोबाइल फोन लेकर जाएंगे। उन्हें कोई नहीं रोक सकता है।

जब मंत्री ऐसा कर सकते हैं तो बीजेपी के काउंसलर्स से मोबाइल फोन कैसे रखवाने के लिए कह रहे हैं। इसको लेकर आपस में बहस भी हुई। लेकिन चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई। काउंसलर फोन लेकर गए और बैलेट पेपर की फोटो खींची।

प्रभारी की सख्ती से रुके क्रॉस होने से वोट...

इस बार बीजेपी में भारी संख्या में वोट क्रॉस होने की उम्मीद थी। पार्टी में चंद्रावती शुक्ला और भरत कुमार नाराज चल रहे थे। भले ही इन्हें प्रभारी दुष्यंत गौतम, संगठन मंत्री दिनेश कुमार और प्रधान अरुण सूद ने 7 जनवरी को मना लिया था। इसके बाद भी वोट क्रॉस होने का खतरा बना हुआ था। प्रभारी दुष्यंत गौतम ने वीरवार को सभी काउंसलर को निर्देश जारी कर दिए कि इस साल चुनाव होने हैं।

अगर वोट क्रॉस होते हैं तो टिकट कई के कट सकते हैं। यह सोच कर वोट बीजेपी मेयर कैंडिडेट को देना होगा। इतना ही नहीं सभी से बैलेट पेपर के फोटो तक देने की बात हुई। अब बीजेपी के नाराज काउंसलर्स ने भी टिकट न कटने के भय से वोट दे दिए।

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा, पूर्व मेयर सुभाष चावला, पूर्व मेयर हरफूल चन्द्र कल्याण, काउंसलर दविंद्र सिंह बबला, गुरबक्श रावत, शीलाफुल सिंह, सतीश कैंथ और रविन्द्र गुजराल ने संयुक्त बयान में कहा कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में लोकतांत्रिक व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गई। इससे लोकतंत्र को शर्मसार होते सब ने देखा।

वोट रद्‌द करने वाले काउंसलर्स को पूजा पाठ करके ढूंढ़ेंगे: दुष्यंत गौतम

बीजेपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम ने कहा कि दो वोट रद्‌द हुए हैं यह चिंता का विषय है। उनकी नीयत में खोट है इसलिए वोट रद करवा गए। यह पूछे जाने पर दो काउंसलर्स कौन हैं, उन पर पार्टी क्या कार्रवाई करेगी, इस पर प्रभारी ने कहा कि इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद को कह दिया है कि कमेटी गठित करें।

इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। वोट क्रॉस करने वाले काउंसलर को कैसे पकड़ पाएंगे? इस पर प्रभारी दुष्यंत गौतम ने कहा कि पूजा पाठ करके भी पकड़ने का तरीका ढ़ूंढ निकालेंगे। यह पूछे जाने पर क्या 2017 में बीजेपी के ही काउंसलर ने हीरा नेगी को फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी के मेंबर के चुनाव में हरा दिया था।

इसके बाद 2018 में पार्टी कैंडिडेट देवेश मोदगिल के खिलाफ सिटिंग मेयर आशा जसवाल ने नामांकन भर दिया था। 2019 में राजेश कालिया के खिलाफ सतीश कैंथ बागी होकर 11 वोट ले गए थे, क्या इन सभी जांच में कोई कार्रवाई हुई है। प्रभारी ने कहा कि कार्रवाई जरूरी हुई होगी, मीडिया को बताकर थोड़ा की जाती है।

हम कार्रवाई करते हैं पार्लियामेंट्री बोर्ड फैसला करता है। पांच साल के लिए काउंसलर चुने जाते हैं। चार साल काउंसलर के होते हैं और एक साल हमारा होता है। पार्टी चुनाव में जाती है तो टिकट भी देखकर दिए जाते हैं। निगम के फाइनेंशियल क्रंच के बारे में पूछे जाने पर प्रभारी ने कहा कि इसकी कोई प्रॉब्लम नहीं रहेगी। हाईकमान से बात करेंगे। चंडीगढ़ होम मिनिस्टरी के अधीन आता है, वहां बात करके फंड की कमी भी दूर करवाई जाएगी।

शहर में नहीं लगेगा नया कोई टैक्स, एमसी में नहीं रहने देंगे फंड की कमी: रविकांत
मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि शहर में कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। पिछले मेयर के कार्यकाल दौरान चल रहे प्रोजेक्ट्स को पूरा करवाया जाएगा। शहर के विकास के लिए एमसी के पास प्रोजेक्ट वाइज पैसा है। एमसी में फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए पार्टी सांसद, प्रभारी, संगठन मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ हाईकमान में बात की जाएगी। चंडीगढ़ मिनिस्टरी ऑफ होम के अधीन है।

वहां से पैसा लाया जाएगा। ऐसे में एमसी में फंड की कमी नहीं आने दी जाएगी। न ही शहर का विकास प्रभावित होने दिया जाएगा। कोविड के चलते फंड में केंद्र सरकार की ओर ओर कुछ कटौती लगा दी थी। अब कोविड-19 का प्रकोप भी खत्म हो गया है। केंद्र सरकार के भरसक प्रयास से कोराना की वैक्सीन तैयार हो गई है।

वैक्सीन लगने के बाद मार्च के बाद लोग सुरक्षित महसूस करने लगेंगे। इस साल फंड की कटौती नहीं होगी बल्कि पिछला भी मिलेगा। पानी के रेट रिव्यू करने का एजेंडा हाउस में पास करके प्रशासन को भेजा हुआ है। जल्द ही प्रशासन से इसके ऑर्डर आ जाएंगे। लोगों को राहत मिलेगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा की ओर से आराप लगाए गए हैं मेयर रेहड़ी फड़ी लगाने और अपने आदमियों को ठेके देने वाले को बना दिया है। इस पर पूछे जाने पर मेयर रविकांत शर्मा ने कहा कि सेक्टर 22 में अपने आदमियों के नाम पर टॉयलेट के ठेके लिए हुए थे। ठेके हटवाए जाने की छाबड़ा को तकलीफ है।

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