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  • An Average Of Rs 3 Lakh Is Spent Every Day On Oxygen Only; About Rs 18 Crore Has Been Spent In GMSH 16, GMCH 32, Sector 48 Hospital, Sood Dharamshala And Dhanwantri Hospital.

कोरोना की दूसरी लहर:हर रोज औसतन 3 लाख रुपए सिर्फ ऑक्सीजन पर हुए खर्च;GMSH-16, GMCH-32, सेक्टर-48 के हाॅस्पिटल, सूद धर्मशाला और धन्वंतरी हाॅस्पिटल में अब तक करीब 18 करोड़ रुपए हो चुके हैं खर्च

चंडीगढ़4 महीने पहले
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प्राइवेट एंबुलेंस हायर करने, वेंटिलेटर्स व प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई के रिपेयर वर्क, टेक्नीशियन, PPE किट, सैनिटाइजर्स, ICU बेड बढ़ाने, लैब टेस्टिंग व बाकी पर करीब साढ़े तीन करोड़ से 4 करोड़ रुपए खर्च हुए। - Dainik Bhaskar
प्राइवेट एंबुलेंस हायर करने, वेंटिलेटर्स व प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई के रिपेयर वर्क, टेक्नीशियन, PPE किट, सैनिटाइजर्स, ICU बेड बढ़ाने, लैब टेस्टिंग व बाकी पर करीब साढ़े तीन करोड़ से 4 करोड़ रुपए खर्च हुए।
  • करीब 6 करोड़ रुपए से दवाइयों और वेंटिलेटर्स का इंतजाम

शहर में भी कोरोना की दूसरी लहर इस साल मार्च महीने के आखिर में शुरू हो गई थी, लेकिन ज्यादा केस बढ़ने शुरू हुए अप्रैल में। हर रोज जब एवरेज 500 से भी ज्यादा केस आने लगे तो इन्हें संभालने के लिए खर्चा भी उसी तरह से हुआ। GMCH-32, GMSH-16, सेक्टर-48 हाॅस्पिटल, सूद धर्मशाला और धन्वंतरी हाॅस्पिटल में करीब 18-20 करोड़ रुपए अब तक खर्च हो चुका है। दूसरी लहर में मेडिकल ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ी।

केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के लिए रोज का 20 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का कोटा तय किया। ऑक्सीजन की सप्लाई पर रोज का खर्चा औसतन 3 लाख है। इस हिसाब से अब तक करीब 9 करोड़ सिर्फ ऑक्सीजन पर खर्च हो चुके हैं। प्रति मीट्रिक टन 15 हजार का खर्चा हर रोज का आ रहा है। GMCH-48 के हाॅस्पिटल के लिए हर रोज करीब 15 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की खपत हुई, यानि हर रोज का करीब 2.25 करोड़ से 2.35 करोड़ रुपए। GMSH-16 के लिए 3 मीट्रिक टन ऑक्सीजन इस्तेमाल हुई, जिसमें करीब 45-60 हजार रुपए प्रतिदिन का खर्चा हुआ।

इन पर भी हुआ खर्च

इसके अलावा प्राइवेट एंबुलेंस हायर करने, वेंटिलेटर्स व प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई के रिपेयर वर्क, टेक्नीशियन, PPE किट, सैनिटाइजर्स, ICU बेड बढ़ाने, लैब टेस्टिंग व बाकी पर करीब साढ़े तीन करोड़ से 4 करोड़ रुपए खर्च हुए।

PGI का खर्चा

  • PGI में 5 करोड़ रुपए मरीजों के खाने पर खर्च हुआ
  • रेमडेसिविर इंजेक्शन व अन्य जरूरी दवाइयों पर 50 करोड़ रुपए खर्च
  • वेंटिलेटर्स और अन्य जरूरी मशीनों पर 150 करोड़ रुपए खर्च
  • लैब टेस्टिंग पर 100 करोड़ रुपए खर्चा

चंडीगढ़ के अस्पतालों में इस तरह से दूसरी लहर से लड़ने के लिए खर्चा

GMSH-16, GMCH-32, सेक्टर-48 हाॅस्पिटल, सूद धर्मशाला सेक्टर-22 और धन्वतंरी हाॅस्पिटल सेक्टर-46 पर इतना खर्च

  • 60-70 लाख रुपए वेंटिलेटर्स और अन्य इक्विपमेंट्स पर
  • 1 करोड़ रुपए से 5 नई एंबुलेंस खरीदी जाएंगी
  • 45 हजार रुपए हर रोज मरीजों के खाने पर खर्च हो रहे हैं। मतलब करीब 27 से 30 लाख रुपए हुए अब तक खर्च।
  • रेमडेसिविर इंजेक्शन व बाकी जरूरी दवाइयों पर करीब 2.90 करोड़ रुपए
  • वेंटिलेटर्स व अन्य इक्विपमेंट्स, कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए मेडिकल स्टाफ पर करीब 18-25 लाख रुपए
  • सूद धर्मशाला में हर रोज 90 हजार रुपए का खर्चा। अब तक 36-40 लाख रुपए खर्च हुए
  • धन्वंतरी हाॅस्पिटल और सेक्टर-48 हाॅस्पिटल में मरीजों के खाने व बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 30 लाख रुपए खर्च हुए
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